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प्रशासन ने नोटिस दे बीजेपी से पूछा- क्यों इस्तेमाल किया सरकारी रेस्ट हाउस?
परमिंदर बरियाणा | होशियारपुर
आखिरकारप्रशासनने फॉरेस्ट डिर्पाटमेंट के सरकारी रेस्ट हाउस को राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने पर बीजेपी एवं डीएफओ को नोटिस जारी कर दिया है। इससे पहले दैनिक भास्कर ने इस मामले का खुलासा किया था कि इलेक्शन कोड लगने के बाद बीजेपी ने गत दिन पहले वन विभाग के रेस्ट हाउस में नगर निगम के चुनाव के लिए उम्मीदवारों की इंटरव्यू की थी और इसको लेकर विवाद पैदा हो गया था।
इस मामले में कल पंजाब चुनाव आयोग को जिला कांग्रेस कमेटी ने बीजेपी के खिलाफ शिकायत की थी जिस पर सोमवार को एडीसी डी जोकि चुनाव की शिकायत के संबंधी नोडल ऑफिसर हैं, ने बीजेपी के अध्यक्ष शिव सूद एवं डीएफओ विशाल चौहान को नोटिस जारी किया है।
इस नोटिस में बीजेपी से पूछा गया है कि इलेक्शन कोड लगने के बाद इस सरकारी संपति को अपनी राजनीति के लिए क्यों इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा डीएफओ विशाल चौहान से भी पूछा गया है कि इस रेस्ट हाउस में यह सारा कुछ कैसे हो गया और आप ने इलेक्शन कोड लगने के बाद बीजेपी को ऐसा करने से रोका क्यों नहीं।
परमिटजारी किया था : इलेक्शनकोड लगने से पहले बीजेपी ने डीएफओ से एक प्राइवेट परमिट लिया था। यह परमिट 2 फरवरी को जारी किया गया था पर डीएफओ ने कोड लगने के बाद उस परमिट को रद्द नहीं किया था। डीएफओ विशाल चौहान भी अपना यह तर्क दे चुके हैं कि उन्होंने एक प्राइवेट परमिट जारी किया था।
हिदायतेंकी जारी : इसविवाद के चलते जिला प्रशासन ने सभी विभागों को यह हिदायतें जारी की हैं कि कोई भी सरकारी संपति को राजनीतिक काम के लिए इस्तेमाल होने दिया जाए और सरकारी विभागों के दफ्तरों में लगे हुए तमाम कैलेंडर एवं सामग्री जिसपर किसी भी सियासी व्यक्ति की तस्वीर है उसे हटा दिया जाए।
बीजेपी ने वन विभाग के रेस्ट हाउस में उम्मीदवारों के इंटरव्यू किए थे।