हादसे रोकने को टूटी सड़कों की मरम्मत हो
भास्कर मंच
रेलवे लाईन और फगवाड़ा रोड के मिलन स्थान से शुरु करके फगवाड़ा रोड के साथ चलते हुए गली व्हाईट पब्लिक स्कूल तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए यशपाल वाली तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए दिलबाग सिंह तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए गली गुरु गोबिंद सिंह तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए लिंक गली कीर्ति नगर तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए रेलवे लाईन तक, फिर उक्त रेलवे लाईन के साथ चलते हुए फगवाड़ा रोड तक।
^नरेश कुमार ने कहा कि सड़के पक्की नहीं है गर्मियों में पानी की समस्या भी गंभीर होती हैं। गंदगी की समस्या से लोग परेशान हैं।कई गलियों की हालत तो बहुत तरसयोग हैं। सीवरेज की भी समस्या भी हैं। उठने वाले बदबू से लोग परेशान हैं। बीमारी फैलने की आशंका है।
^मुनीश कुमार ने बताया कि कहा कि उनके मोहल्ले में गलियां कच्ची हैं और कई गलियों में सीवरेज का कोई प्रबंध नहीं है। बरसात में तो हालात और भी बदत्तर हो जाते हैं। निगम अधिकारियों को गुहार लगाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं होती।
^बॉबी सहोता ने कहा कि उनके मोहल्ले में सबसे बड़ी समस्या गलियां कच्ची हैं पर कोई हल नहीं है। गंदगी से लोग परेशान हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को गलियां पक्की करवाने के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। लोग बेबस हैं।
^कनंवर दीप सिंह ने कहा कि मोहल्ले में कच्ची गलियों औप नालियों के अलावा पीने वाले पानी की समस्या हैं। गंदगी से भी लोग परेशान हैं। कई बार नलों में गंदे पानी की सप्लाई होती है। लोग आरओ लगाने को विवश हैं। बीमारियां भी फैल सकती हैं। सरकार को ध्यान देना चाहिए।
^डा. वशिष्ट कुमार ने बताया कि इलाके में स्ट्रीट लाईटें नहीं जलती। सीवरेज की समस्या हैं, गंदगी की समस्या भी गंभीर हैं
^हरदीप कुमार ने कहा कि इलाके में तो पानी की निकासी है ही सड़कें पक्की हैं। कई बार हादसे हो चुकी हैं।
^इंदबैंस ने कहा कि इस इलाके में तो सीवरेज है और ही स्ट्रीट लाईटें नहीं ही पानी की निकासी का बुरा हाल हैं।
^कुलदीप सिंह धामी ने कहा कि वार्ड नंबर 27 में सबसे बड़ी समस्या लाईटों की हैं। इसके अलावा गलियों तथा सड़को की समस्या हैं।
^बाजू राम ने कहा कि वार्ड की मुख्य समस्या सड़कों का बनना तथा स्ट्रीट लाईटें हैं इसके अलावा गंदगी से भी बुरा हाल हैं।
^कुलदीप मान ने कहा कि उनके वार्ड में गलियां कच्ची हैं, गंदगी का आलम है। कोई सुनवाई नहीं करता। सरकार को कदम उठाना चाहिए।
^दीपक ने कहा कि ने स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती, गंदे पानी की निकासी की बहुत समस्या हैं। लोगों की पीने वाले पानी भी नहीं मिल रहा।
^लक्की अरोड़ा ने कहा कि मोहल्ले में सड़कें टूटी हुई हैं, गंदे पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हैं। स्ट्रीट लाईटें भी टूटी पड़ी हैं।
^सविता ने कहा कि मोहल्ले में पानी की समस्या बहुत अधिक है, ही स्ट्रीट लाइटें जलती हैं। गंदे पानी की निकासी से लोग परेशान हैं।
^बाल कृष्ण ने कहा कि मोहल्ले में साफ पीने वाले पानी और कूड़ा कर्कट की समस्या बहुत गंभीर हैं। लाइटें तो लगी है लेकिन वर्ष से जली नहीं हैं।
^शिव सिंह ने कहा कि मोहल्ले पानी की निकासी का बहुत बुरा हाल है नालियां साफ नहीं होती और बारिश के दिनों में पानी की निकासी गंभीर समस्या हैं।
^प्रेम कुमार ने कहा कि मोहल्ले में सबसे बड़ी समस्या टूटी हुई सड़कें हैं। सफाई का बुरा हाल है नालियां भी साफ नहीं हैं सफाई कर्मी भी नहीं आते
^सुदर्शन पराशर ने कहा कि मोहल्ले में टूटी सड़कें हैं, स्ट्रीट लाइटें भी नहीं जलती। गंदगी से भी लोग परेशान हैं। बदबू से बीमारी फैल सकती है।
^बलवीर सिंह ने कहा कि अतिक्रमण से लोग परेशान हैं, पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हैं। इसके अलावा गलियां, लाइटों की भी गंभीर समस्या हैं।
^लव कुमार ने कहा कि कहा कि मोहल्ले में पानी की समस्या मुख्य है। पानी की निकासी का भी कोई हल नहीं है। सफाई समस्या से भी लोग परेशान हैं।
^ वचित्र सिंह ने कहा कि सड़कों का बुरा हाल है। कूड़ा-कर्कट भी गंभीर समस्या हैं। इस गली में लगी लाइटें भी लंबे समय से बंद पड़ी हैं।
^सुरजीत कुमार ने कहा कि सड़कों के किनारे भी कच्चे हैं इसके अलावा स्ट्रीट लाइटें भी नहीं जलती। कई बार चोरी की वारदातें हो चुकी हैं।
^सतपाल मल्ली ने कहा कि गंदगी से लोगों का बुरा हाल हैं। सफाई का बुरा हाल हैं स्ट्रीट लाइटें भी बंद पड़ी हैं। वारदातें होने की अाशंका रहती है।
^कुलदीप कुमार ने कहा कि नालियां, गलियां, लाइटों का बंद होना सबसे गंभीर समस्या हंै। सड़कंे टूटी हुई हैं। कई बार हादसे हो चुके हैं।
^िलावा राम ने कहा कि मोहल्ले में गंदे पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। गलियां भी टूटी पड़ी हैं। निगम को नई सड़कें बनानी चाहिए।
^दिनेश सिंह ने कहा कि मोहल्लें में गदंगी से लोगों का बुरा हाल हैं। पीने वाले पानी की समस्या गंभीर हैं। स्ट्रीट लाईटें नहीं लगीं।
सिविल अस्पताल और गली अजीत सिंह के मिलन के स्थान से शुरु होकर गली अजीत सिंह के साथ चलते हुए सामने गर्वमेंट कालेज रोड तक, फिर उक्त स्थान से चलते हुए जगधाम आटो सैंटर तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए गली जसवीर सिंह तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए प्रेम कुमार (रेलवे मंडी स्कूल) तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए रेलवे लाईन तक, फिर उक्त रेलवे लाईन के साथ चलते हुए निर्मल सिंह तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए गली विजय कुमार तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए गली नंबर 2 तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए हरप्रीत सिंह तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए करतार सिंह तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए हुक्म सिंह तीक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए गली मार्किट वाली तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए जालंधर रोड तक, फिर उक्त रोड के साथ चलते हुए प्रभात चौक को पार करते हुए सिविल अस्पताल रोड तक, फिर उक्त रोड के साथ चलते हुए गली अजीत सिंह तक।
डिगाना रोड और टांडा बाईपास रोड के मिलने के स्थान से शुरु करके टांडा बाईपास रोड के साथ चलते हुए बस स्टैंड रोड तक, फिर उक्त रोड के साथ चलते हुए जालंधर रोड तक, फिर उक्त रोड के साथ चलते हुए गली बिजली कार्यालय तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए गली सवरण सिंह तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए टिब्बा साहिब गुरुद्वारा रोड तक, फिर उक्त रोड और कच्चा रास्ता (ग्राउंड बिजली घर) के साथ चलते हुए दशमेश नगर गली नंबर 5 तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए भगाना रोड तक, फिर उक्त गली के साथ चलते हुए टांडा बाईपास रोड तक।
वार्ड की बात (25, 26, 27)
भौगोलिक स्थिति (पिछड़ी श्रेणियों के सदस्यों के लिए आरक्षित
भौगोलिक स्थिति (अनूसूचित जातियों की महिला सदस्यों के लिए आरक्षित
वार्ड नंबर 26 (मतदाता: (1980) पुरुष: 1007, महिलाएं : 973
वार्ड नंबर 25 (मतदाता: 2811) पुरुष: 1419, महिलाएं : 1392
भौगोलिक स्थिति
वार्ड नंबर 27 (मतदाता: 2168) पुरुष: 1127, महिलाएं : 1041
पानी आता है, लाइटें जलती है। सड़कों की हालत भी दयनीय है। कई मोहल्लों की मेन सड़क टूटी हुई हैं। आम दिनों और बारिश के दिनों में पानी की निकासी के लिए कोई बढ़िया प्रबंध नहीं हैं। -नीरज शर्मा/विशाल भारद्वाज. होशियारपुर।
^हरजिंदर सिंह ने कहा कि इलाके में सफाई की बहुत गंभीर समस्या है। इसके अलावा गंदे पानी और बरसाती पानी की समस्या है तो स्ट्रीट लाइटें जलती हैं।
^रघुवीर सिंह ने कहा कि वार्ड में मुख्य समस्या सफाई की हैं। पानी की निकासी का भी कोई बढ़िया प्रबंध नहीं हैं, जिस कारण लोग परेशान हैं।
^दीवान चंद ने कहा उनके वार्ड की सड़के टूटी पड़ी हैं। लाइटें जलती नहीं, गंदे पानी की गंभीर समस्या हैं। लोगों में बीमारी फैलने की आशंका है।
^अमरप्रीत सिंह ने कहा कि ज्यादा समस्या सफाई की है सफाई कर्मी कभी-कभी सफाई करने आतें है इसके अलावा सीवरेज से निकलने वाले गंदे पानी की समस्या हैं।