खंडहर बनी गांव विरवां के स्कूल की इमारत, लोगों ने बना दिया डंप
कादियां | पंजाब सरकार शिक्षा का स्तर ऊंचा उठान के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर स्कूलों की ईमारतें बना रही है लेकिन गांव मूढ़ विरवां के प्राइमरी स्कूल की ईमारत के खस्ता हाल पर किसी का ध्यान नहीं है। खंडहर बनी इस ईमारत लोग अपने निजी कामों के लिए इस्तेमाल करते हैं। हलका श्री हरगोबिंदपुर के अधीन आते गांव मूढ़ विरवां में 1988-89 में प्राइमरी स्कूल की ईमारत बनाई गई थी, इसमें दो कमरे और एक बड़ा हाल है। अब यहां पर पढ़ाई बंद हो चुकी है और स्कूल की ईमारत खंडहर बन गई है। लोग यहां पर उपले बनाते है और कूड़ा फेंकते हैं। गांव के देसराज, महिंदर सिंह, तरसेम सिंह, धर्मेंद्र कुमार और सोहन लाल ने बताया कि स्कूल में बच्चों की संख्या कम होने के कारण इसे बंद कर दिया गया था। गांव वासियों ने मांग की कि स्कूल की ईमारत को या तो पंचायत घर बना दिया जाए या सरकारी डिस्पेंसरी।