- Hindi News
- आज हमारे महलों में यह अंधेरी रात कैसी है...
आज हमारे महलों में यह अंधेरी रात कैसी है...
...जब राम लक्ष्मण और सीता जंगल की ओर चल पड़े
सीता स्वयंवर, राम ने निभाया पिता का वचन, वनवास गए
श्रीसनातन धर्ममंडल जलौखाना चौक की ओर से जारी श्री रामलीला में सीता स्वयंवर ताड़िका वध नाटक का मंचन किया। श्री रामलीला नाटक का उदघाटन थिंद अस्पताल के मालिक डॉ. जेएस थिंद ने किया।
श्री गणेश उपासना के उपरांत श्री राम जी की आरती उतारी गई। उपरांत नाईट का नाटक सीता स्वयंवर ताड़िका वध कलाकारों ने मंचित किया। जनकपुरी के राजा, राजा जनक परसराम द्वारा अमानता के तौर पर दिया गया शिव पैनाम धनुष सीता को सफाई करते समय उठाते हुए देख हैरान रह जाते है। सोचते है कि जिस धनुष को हिला पाना भी आम मनुष्य के वश की बात नहीं है उस धनुष को उनकी बेटी कागज की तरह उठा रही है, तो वह उसकी शादी के लिए योग्य वर की तलाश में घोषणा करते है कि जो भी शिव धनुष पैनाम धनुष उठाएगा उससे सीता की शादी रचाई जाएगी। सभी देशों के राजा महाराजा आते है कोई भी धनष उठा नहीं पाता है। तब विश्वामित्र श्रीराम जी को आदेश देते है। श्री राम आदेश पाते ही धनुष उठा कर उसे तोड़ डालते है तो उनके साथ सीता का स्वयंवर हो जाता है। दूसरी तरफ श्री विश्वामित्र द्वारा रखा गया यज्ञ जब राक्षस वार वार भंग करते है तो वह राजा दशरथ से श्रीराम लक्ष्मण को ले आते है उन्हें धनुष विद्या का ज्ञान देते है। श्रीराम श्री लक्ष्मण जंगलों में जाते है तथा समूह राक्षसों का नाश करते है। अंत में वह ताड़िका का वध कर समूह राक्षसो का नाश कर देते है। इस अवसर पर अध्यक्ष गोबिन्द राए अरोड़ा, चेयरमैन रमेश मेहरा, डायरेक्टर सुरिन्द्र वैध, ट्रस्टी जीत थापा, सुखविन्द्र सिंह मट्टू, सुनील भंडारी, दर्शन चोपडा, प्रवीण पूरी, तरसेम शास्त्री, हरी कृष्ण, कृष्ण लाल बहल, अभय जैन, तरसेम कुमार, ट्रस्टी अशोक बहल, कृष्ण कुमार चौहान, शाम सुंदर शर्मा, दिनेश कुमार, राम दुलार आदि उपस्थित थे।
दो वरदान श्री राम वनवास का मंचन का दृश्य
रामलीला मंचन का उदघाटन करते हुए जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट हरचरण सिंह।
सिटी हाल माॅडल टाऊन मेंे श्री राम लीला नाटक दो वरदान राम वनवास नाटक का मंचन करते कलाकार।
जलौखाना चौक में श्री राम लीला नाटक में सीता स्वयंवर, ताडिका वध नाटक का मंचन का उदघाटन करते हुए थिंद अस्पताल के मालिक डा जेएस थिंद।
-जलौखाना चौक में श्री राम लीला नाटक में सीता स्वयंवर मं