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अपने खेत में लगाएं पांच नीम के पेड़ : डॉ. निरंकार
धान की पराली को खेतों में मिक्स करने से जमीन होती है उपजाऊ
किसानोंकोहाड़ी ऋतु की फसलों संबंधी नवीनतम जानकारी मुहैया करवाने के मकसद से कृषि विभाग की ओर से जिला स्तरीय किसान मेला पालकी पैलेस में किया गया। उदघाटन जिला योजना कमेटी के चेयरमैन सर्बजीत सिंह मक्कड़ ने किया।
मक्कड़ ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से किसानों के ट्यूबवेलों के लिए मुफ्त बिजली दी जा रही है, वहीं कृषि की आधुनिक मशीनरी सब्सिडी पर मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा छोटी किसानी की सहायता के लिए पंजाब में 1500 कृषि सहकारी सभाओं की स्थापना करके इन सहकारी सभाओं को 15 लाख रुपए तक की कृषि मशीनरी खरीदने के अधिकार दिए गए हैं, ताकि छोटे किसान इन सहकारी सभाओं से कम किराए पर कृषि औजार लेकर प्रयोग कर सके।
कृषि विभाग पंजाब के निदेशक डॉ. मंगल सिंह संधू ने बताया कि पंजाब सरकार की कृषि विभिन्नता नीति तहत कृषि विभाग द्वारा इस वर्ष 42 हजार हेक्टयर रकबा गेहूं की कृषि से निकाल कर तेल बीज, सब्जियां और दालों की काश्त अधीन लाने का लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत इस साल बीजों में 15 हजार हेक्टेयर, दालों में 8 हजार हेक्टेयर और सूरजमुखी की काश्त के अधीन 12 हजार हेक्टेयर और रकबा लाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न स्कीम तहत कृषि के 40 आधुनिक औजारों पर 25 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है।
कृषि विभाग की ओर से गेहूं के सही बीजों पर भी 1 हजार रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी दी जा रही है। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. मनोहर सिंह ने कहा कि जमीन की उपजाऊ शक्ति को कायम रखने और वातावरण को खराब होने से बचाने के लिए धान की पराली को चोपर मशीन की सहायता के साथ खेतों में मिक्स कर दें।
उन्होंने किसानों को कहा कि वह सही बीजों का प्रयोग करके और इन बीजों को संशोधन कर बिजाई करे। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा सब्सिडी पर दिए जाने वाले कृषि औजारों और बीजों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
किसान मेले में लगाई गई प्रदर्शनी का निरीक्षण करते जिला योजना कमेटी के चेयरमैन सर्बजीत िसंह मक्कड़।
कृषि विभाग के संयुक्त निर्देशक डा. निरंकार सिंह सरां ने किसानों को सलाह दी कि वह सही बीजों और आधुनिक कृषि औजारों के प्रयोग के साथ-साथ कम से कम और जरूरत अनुसार कीट नाशकों, नदीन नाश