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जो शिव धनुष उठाएगा वहीं सीता से विवाह रचा सकेगा

7 वर्ष पहले
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श्रीप्रताप धर्मप्रचारणी सभा की ओर से शालीमार बाग में जारी श्री रामलीला में सीता स्वयंवर नाटक का मंचन किया गया। श्री रामलीला का उदघाटन बजरंग दल के वरिष्ठ नेता संजीव कुमार सचदेवा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। श्री गणेश अराधना के उपरांत श्री रामलीला में मंचित किया गया कि सीता की शादी के लिए राजा जनक सीता स्वयंवर की घोषणा करते है कि जो शिव धनुष उठाएगा वहीं उसकी बेटी से शादी रचाएगा। घोषणा सुनकर पूरे देशों के राजा सीता स्वयंवर के लिए पहुंचते है। सभी बारी-बारी धनुष उठाने का प्रयास करते हैं धनुष उठाना दूर की बात किसी से धनुष हिलता तक नहीं। जब श्री राम की बारी आती है तो वह धनुष उठाकर उस पर तीर पर चढ़ा देते है तब राजा जनक की बेटी के साथ उनका स्वयंवर हो जाता है। इस मौके कृष्ण लाल सर्राफ, कुलवंत भंडारी, सतपाल मेहरा, पवन धीर, मनोज भसीन, सुभाष मकरंदी, नरेश पंिडत, िवनोद कािलया, िवशंबर दास, राजेश सूरी आदि उपस्थित थे।

रामलीला का उदघाटन करते हुए संजीव कुमार सचदेवा।

श्री रामलीला नाइट दौरान श्री राम, लक्ष्मण माता सीता की वेष में कलाकार।