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आरसीएफ में पूना पैक्ट की सार्थकता पर सेमिनार
अखिलभारतीयएससी-एसटी रेलवे इंप्लाइज एसोसिएशन की ओर से आरसीएफ की ओर से बाबा साहिब डाॅ बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी के बीच हुए पूना पैक्ट समझौते की सार्थकता अौर दुष्परिणाम विषय पर सेमिनार वर्कर क्लब में करवाया गया। इसमें एडवोकेट मोहन लाल फिल्लौरिया, एसोसिएशन के महासचिव रणजीत सिंह और अध्यक्ष रोशन भारती ने अपने विचार पेश किए।
एडवोकेट मोहन लाल ने कहा कि दलित समाज के लोगों के हक के लिए आवाज उठाने के लिए बाबा साहिब को लंदन में गोलमेज कांफ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री थामस मैकडोनोल्ड ने अवार्ड दिया। इससे नाराज होकर महात्मा गांधी ने मरणाव्रत रख लिया। इसके बाद कुछ लोगों ने दलितों की बस्तियों को जला दिया था। इस कारण डाॅक्टर अंबेडकर को भी उस समझौते पर हस्ताक्षर करना मजबूरी बन गया। इसको आज पूना पैकेट कहा गया। रोशन भारती, सुरेश चंद्र महासचिव भारती बोध महा सभा पंजाब, सोहन बैठ सचिव आदि ने विचार रखे। एक छोटी बच्ची वधु मित्रा ने जीना सम्मान से गीत पेश किया। धर्मपाल पेंथर ने कविता ‘मैं एकलव्य वांग अंगूठा नहीं कटावांगा’ सुनाई। जोनल सचिव रणजीत सिंह ने कहा कि लोग जागरूक नहीं हैं इसका लाभ उठाते हुए ही आज की सरकारें एफडीआई जैसे फरमान जारी कर रही है जो डाक्टर अंबेडकर की ओर से दलित समाज को दिए गए अधिकारों का हनन है। जगजीवन राम, निरवैर सिंह, जीत सिंह, गुरदियाल सिंह, संतोख राम, साधू राम, केएस खोखर, कर्म सिंह, भजन लाल, लखवीर चंद, बबता, निर्मल सिंह मौजूद रहे।
डाॅ बीआर अंबेदकर महात्मा गांधी के बीच हुए पूना पैक्ट समझौते पर आयोजित सेमिनार में मौजूद लोग।