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- \"95 परसेंट हादसे ट्रैफिक रूल्स मानने के कारण\'
\"95 परसेंट हादसे ट्रैफिक रूल्स मानने के कारण\'
बावालालवानीपब्लिक स्कूल के स्टूडेंट्स को जागरूक करने के लिए पुलिस ट्रैफिक एजुकेशन सैल के सहयोग से सेमिनार करवाया गया गया। इसमें पुलिस ट्रैफिक एजुकेशन सैल के इंचार्ज कुलविंदर सिंह और ट्रैफिक इंचार्ज जंग बहादुर शर्मा ने अध्यक्षता की। जंग बहादुर शर्मा ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करने का अर्थ ही यह होता है कि हमने हादसों पर काबू कर लिया है। 95 प्रतिशत सडक़ हादसे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन लापरवाही के कारण होते है। नशों का सेवन करके वाहन चलाने से भी खतरनाक होता है कि वाहन चलाते समय मोबाईल पर बात करना। बाईक पर हैल्मेट और गाड़ी चलाते समय सीट बैल्ट का प्रयोग करना जरूरी है। पुलिस ट्रैफिक सैल के इंचार्ज कुलविन्द्र सिंह ने कहा कि यूरोपियन देशों में हार्न बजाने का अर्थ यह माना जाता है कि किसी सडक़ नियमों का उल्लघंन करने वाले को गाली देना। लेकिन हमारे यहां जानबूझ कर लोगों को तंग परेशान करने के लिए ही प्रैशर हार्न का प्रयोग किया जाता है जो कई बार बड़े हादसो का कारण बनता है। प्रिंसीपल नवनीत कुकरेजा ने पुलिस ट्रैफिक एजुकेशन सैल का धन्यवाद किया और स्टूडेंट्स को ट्रैफिक रूल्स फॉलो करने को कहा।
बावा लालवानी स्कूल में करवाए सेमिनार के दौरान मौजूद स्टूडेंट्स।