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बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलें : प्रमोद

7 वर्ष पहले
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आलइडियाएससी/एससटी रेलवे कर्मचारी एसोसिएशन एवं आरसीएफ प्रशासन की ओर से भारतीय संविधान के निर्माता तथा भारत र| बाबा साहेब डॉ. बी आर. अम्बेडकर जी का 58वॉं महाप्रीनिर्वाण दिवस रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला के वारिस शाह हाल में मनाया गया।

समागम की अध्यक्षता महाप्रबंधक रेडिका प्रमोद कुमार, अम्बेडकरी लेखक बी. आर. सांपला (यूके), मुख्य कार्मिक अधिकारी सी.एल. भारती, मुख्य विद्युत इंजीनियर नरोतम दास, एवं जोनल प्रधान एससी/एसटी पूरन सिंह ने सांझे तौर पर की। स्टेज संचालन की भूमिका जोनल सचिव रणजीत सिंह ने निभाते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया। बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते हुए महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने कहा कि डॉ अम्बेडकर ने भारतीय संविधान की रचना करके सदियों से लताड़े एवं कमजोर लोगों को ऊंचा उठाने के लिये विशेष उपाए किये। उन्होंने कहा दलितों के अधिकार जो उनको नहीं मिल रहे वह अधिकार दिलवाने का हमें प्रय| करने चाहिए।

बाबा साहेब के सपनों का भारत बनाने के लिए सभी लोगों को सम्मानता, आजादी, भाईचारे एवं न्याय अधारित समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभानी होगी। भारतीय संविधान हमें बोलने की आजादी देता है जबकि पड़़ोसी देश पकिस्तान में ऐसा नहीं है। आज हमें इस बात की जरूरत है कि बाबा साहेब के दर्शाये मार्ग पर चल कर देश को प्रगति की ओर ले जायें। ऐसा तभी हो सकता है जब देश के नागरिक पढ़े-लिखे होंगे। श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य बुलारे बी.आर.सांपला ने कहा कि देश में पहले मनुवादी व्यवस्था का राज था। बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर जी ने देश में जातपात, छुआछात रूड़ीवादी विचारधारा को नकार कर देश में वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक प्रणाली की स्थापना की।

बाबा साहेब ने बगैर खून-खराबे से एससी/एसटी, पिछड़ों और महिलाओं को बराबर अधिकार दिये। वोट का अधिकार देश के नागरिकों को बहुत बड़ा हथियार दिया। दुनिया में बाबा साहेब को मानवतावादी एवं लोकतंत्र का पक्षधार कहा जाता है। इस मौके पर सामाजिक कारकुन चंद्रेश यादव ने कहा कि देश के दलित लोगों ने बाबा साहेब की बात मानी जिस से वह अपने अधिकारों का प्रति जागरूक हैं, परन्तु पिछड़े वर्गों ने बाबा सहेब की बात नहीं मानी और आज तक संविधानक अधिकारों से वंचित हैं।

इनके अलावा एससी/एसटी के जोनल प्रधान पूरन सिंह, डॉ. अम्बडकर सोसायटी के महासचिव धर्म पाल पैंथर, चिंतक नि