खस्ताहाल कांजली पुल हादसे का खतरा बढ़ा
कालीबेईंपर बने पुल की खस्ता हालत और सड़क के किनारे बरमे होने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कपूरथला से अमृतसर, गुरुदासपुर, बटाला, ब्यास, सुभानपुर जाने के लिए कांजली पुल वाली सड़क ही एक मात्र सड़क है। पुल पर कोई सांकेतिक रेडियम बोर्ड ना होने के और पुल की रेलिंग टूटी कारण वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे है। कांजली को पिकनिक स्पॉट वेटलैंड का दर्जा भी दिया गया है और आए दिन दूर दराज क्षेत्रों के लोग कांजली में पिकनिक मनाने आते है। वहीं सिखों के प्रथम गुरु देव नानक देव की चरण स्पर्श झील होने के कारण आस्था से लोग यहां आते है। परंतु पुल की खस्ता हालत आसपास बरम सांकेतिक चिन्ह ना होने के कारण नए वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते है।
कुछ दिन पहले पठानकोट से कपूरथला की ओर रहा क्रैशर से भरा ट्रक हादसाग्रस्त हो गया था।इसी प्रकार शुक्रवार शाम भी मिट्टी से भरा टिप्पर निजी बस को साइड देते हुए बेईं के किनारे बेकाबू होकर पलट गया। करीब 30 वर्ष पहले बने इस पुल का रख रखाव ना होने के कारण आसपास 100 मीटर के घेरे में बरम ना बने हुए के कारण दुर्घटनाएं हो रही है।
कांजली झील पर बने पुल से गुजरते हुए वाहन।
कपूरथला-सुभानपुर पर िस्थत कांजली झील पर बने पुल की टूटी रेिलंग
एक्सीयन बोले,बरमों को उंचा किया जाएगा
^एक्सीयनपवन कुमार का कहना है कि रेलिंग का एस्टीमेट विभाग को भेज दिया गया है जल्द ही पुल के दोनों ओर बरमों को उच्चा किया जाएगा।