मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल जारी
मनरेगाकर्मचारीयूनियन के आह्वान पर जिला कपूरथला ने अपनी मांगों के प्रति सातवें दिन भी कलम छोड़ हड़ताल की। हड़ताल का पंचायत सचिव यूनियन, मनरेगा लेबर यूनियन ने भी पूर्ण समर्थन दिया। यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष मंगल सिंह ने कहा कि इस समय पंजाब में लेबर की 200 करोड़ की जिम्मेदारी तैयार की गई है जबकि पंजाब सरकार ने गांवों में काम करने वाले मजदूरों की अदायगी नहीं की गई।
इस कारण मनरेगा कर्मचारियों की सैलरी सात महीने से रुकी पड़ी है। जिला प्रशासन को इस संबंधी कई बार मेमोरेंडम दिए लेकिन इन मांगों की ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर से 22 सितंबर तक जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे और 23 सितंबर को निदेशक ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग के कार्यालय में घेराव किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। इस अवसर पर विशाल अरोडा, अलविंदर कौर, सुरजीत, विक्रांत, कमलजीत, रघुबीर सिंह, सुरिन्द्र सिंह, जगरूप सिंह, गुरदीप सिंह, हरदीप सिंह, सुरजीत नाहर, रामदित्ता, अमृतपाल सिंह, रविंदरपाल सिंह, रणजीत सिंह, राजेश राय, परमिंदर सिंह हैप्पी, गुरमीत सिंह, कमलजीत कौर, पलविन्दर कौर, राजवंत कौर, गुरविन्द्र कौर, चरणजीत मौजूद थे।
ये हैं मनरेगा कर्मचारी यूनियन की मांगें
-पिछले6 वर्षों से ही बहुत कम वेतन में मनरेगा स्कीम तहत जिला स्तरीय कार्यालयो में कर्मचारियों की भर्ती की गई थी आज महंगाई कई गुणा बढ़ चुकी है लेकिन कर्मचारियों का वेतन नहीं बढ़ाया गया जबकि कार्यालयो के अन्य कार्य भी कर्मचारियों से लिए जा रहे है।
-सभी ठेके पर भर्ती किए गए कर्मचारियों को रैगुलर किया जाए।
-अन्य कर्मचारियों के सामान्य पे स्केल दिया जाए।
-कम वेतन के बावजूद भी गत सात महीनों से किसी भी कर्मचारी को वेतन भी नहीं दिया गया को जल्द जारी किया जाए।
-कंटिंजेंसी स्कीम को बंद किया जाए।
मगनरेगा कर्मचारी यूनियन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन करते हुए।