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प्रदूषण के िखलाफ विद्वान करें नेतृत्व : सीचेवाल
वातावरणप्रेमीसंत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल की जिंदगी को समर्पित कवि जसबीर सिंह वाटावली द्वारा रचित महाकािव ‘वेईं नामा’ पर सिरजना केंद्र रजिस्ट्रड कार्यालय विरसा विहार में विचार गोष्ठी कवि दरबार करवाया गया। इस समारोह में संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे जबकि अध्यक्षता मंडल में डॉ. निर्मल सिंह लाबंड़ा, डॉ. आसा सिंह घुम्मण, प्रो. कुलवंत सिंह औजला, नक्षत्तर सोनिया, प्रिंसीपल प्रीतम सिंह सरगोरिया, इंजी. छज्जा सिंह, डॉ. जसवंत सिंह प्रो. जसवीर कौर आदि शामिल हुए।
सिरजना केंद्र के अध्यक्ष प्रो. कुलवंत औजला ने सभी लेखो विद्वानों का अभिनदन करते हुए वाटावली द्वारा रचित महाकवि वई नामा के बारे में कहा कि संत सीचेवाल द्वारा वातावरण प्रदूषण के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई में पवित्र काली वेईं तो केवल एक संकेतक कार्य है, लेकिन जिस स्तर पर आज सीचेवाल ने आवाज बुलंद की है वह मानवता के लिए एक सच्चा-सुच्चा अमली संदेश है। वाटावली का महाकाव इस कर्मयोगी के कर्म की बात पा रहा है। डॉ. राम मूर्ति रोशन खेड़ा इस पुस्तक के रचेता वाटावली को बधाई देते हुए कहा कि यह महाकाव किसी काॅलेज में पढ़ रहे छात्र की रचना नहीं बल्कि एक अनुभवी लेखक के अनुपम है, जो संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के शुभकर्म बाबा नानक के जीवन दर्शन का मार्ग दर्शन करती है।
विचार गोष्ठी कवि दरबार दौरान संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को सम्मानित करते हुए सिरजना केंद्र के अध्यक्ष प्रो. कुलवंत औजला।