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जूते मिलते एसी शोरूम में, सब्जी िबकती है गंदगी के ढेर के पास
^ सभ्याचारक पिड़ पंजाब के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह विक्की ने कहा कि आज हमारी यह स्थिती बन चुकी है कि बाजार में आपकों जूतों के तो एसी शो रूम मिल सकते है, लेकिन जो हम रोजाना खाने के लिए प्रयोग करते हैं वह हमें पुरानी सब्जी मंडी के गंदगी के ढेरों के बीच ही मिलती है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद पुरानी सब्जी मंडी की सफाई रखने के लिए बुरी तरह विफल हुई है। इसलिए आगामी चुनाव से पहले सब्जी मंडी वार्ड का कोई भी प्रत्याशी बनता है यदि वह सब्जी मंडी की सफाई को प्राथमिकता नहीं देता तो उसके खिलाफ ही लोकमत्त होना चाहिए।
^गुरु नानक नगर के करियाना व्यापारी बलजिंदर सिंह हनुमान ने कहा कि पुरानी सब्जी मंडी की जो सब्जी, फलों और करियाने का होलसेल सेंटर माना जाता है और लोगों की भी मजबूरी होती है कि इस सेंटर का लाभ उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में पुरानी सब्जी मंडी ही एक ऐसा स्थान है, यहां के लोग तो नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं वहीं आम लोग भी मक्खी, मच्छर वाली सब्जियां ही नहीं खरीदते बल्कि बीमारियां ही खरीदते है, जिसकी जिम्मेदार नगर परिषद है। यहां लाेगों की मजबूरी है कि वह सामान खरीदें भी कहां से खरीदें वह यहां से लेने के लिए मजबूर हैं।
^मोहल्ला अर्फवाला निवासी दविंदर कुमार ने पुरानी सब्जी मंडी का दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस मंडी में लोग जो कमाई करने के लिए बैठे है, क्या उनका कोई कत्र्तव्य नही बनता कि वह मंडी की सफाई को भी प्रथामिकता दे। उन्होंने कहा कि सफाई चाहने वाले तो सभी होते है लेकिन कचरा फैंकने वालों के कारण सफाई चाहने हार जाते है। उन्होनें कहा कि सरकार ने सफाई अभियान को तो एक राजनीतिक ड्रामा बना लिया है। लेकिन सफाई सेवको की भर्ती करने के बारे में सभी सरकारे नगर परिषद प्रशासन भी चुप है।
^प्रकाश एवेन्यू के निवासी करियाना व्यापारी जगजीत सिंह बाऊ ने कहा कि पुरानी सब्जी मंडी गंदगी का ढेर बन जाने के कारण रियासती शहर कपूरथला पर लगा हुआ एक ऐसा ग्रहण है जिसकों साफ रखने के लिए तो नगर परिषद को ही कभी कोई चिंता रही है और ही प्रशासन को। पुरानी सब्जी मंडी जो अवैध कब्जों के कारण एक तंग गली का रूप धारण कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी का असितत्व बचाने के लिए वह चुनाव के दिनों में लोगों की ओर से एक विशेष मांग रखेंगे। कुछ लोगों ने कहा कि सब्जी मंडी की रूटीन में सफाई होनी चाहिए कि कभी-कभी।
^मोहल्ला खजानचीया दुकानदार जीत थापा ने कहा कि खेत खलियाण से तो कृषक सब्जी की पैदावार अपने बच्चों की तरह करता है और जब यही सब्जी पुरानी सब्जी मंडी का शिगार बनती है तो दुकानदारों द्वारा फैंके गए कचरे थोड़ी सी बारिश के बाद यही सब्जी मंडी की हालत जब नारकीय हो जाती है तो लोग मंडी में सब्जी नहीं लेने बल्कि बीमारी लेने आते है, जबकि शहर का यह क्षेत्र सब्जी, फलों करियाने के लिए होल सेल सेंटर माना जाता है। मंडी में सफाई रहने के कारण शहरी लोग अब रेहड़ियों पर बिकने वाली मंहगी सब्जी जरूर खरीदते हैं ताकि वह अपने बच्चो को सस्ती सब्जी के नाम पर बीमारी परोसे।
नगर परिषद चुनाव से पहले शहर के जो बहुत ही ज्वलंत प्रश्न है, उन प्रश्नों में पुरानी सब्जी मंडी लगातार गंदगी का ढेर बने रहने के कारण और मंडी में ही दुकानदारों द्वारा सड़कों पर ही जो कब्जे कर रखे हैं, भी लोगों की आम जुबां पर है। गंदगी का आलम इस तरह है कि लोगों के िजंदगी से जुड़ी खाने पीने वाली चीजें तो खुले में बिकती है और जो पहनने वाली चीजें हैं वह एसी शो रूमों में मिलती है।