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ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अप्लाई की जाने वाली तकनीक की सांझा की सीचेवाल ने

7 वर्ष पहले
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ट्रीटमेंटप्लांटके लिए प्रयोग किए जाने वाली बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनियों में शामिल केएसबी के अधिकारियो के साथ वातावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल की बैठक हई। इसमें कंम्पनी के अधिकारियों और संत सीचेवाल में ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अप्लाई की जाने वाली तकनीक के बारे में विचार विमर्श किया। इस बैठक में शामिल कंम्पनी के मैनेजर जौस कप्तान और सीनियर पिम्स स्मिथ ने बताया कि केबीएस कंम्पनी 1956 में स्थापित हुई। हालैंड में पानी के कुदरती तत्वों को पालीत होने से बचाने के लिए तैयार किए जाने वाली तकनीक के बारे में बातचीत करते अधिकारियों ने कहा कि हालैंड में ट्रीटमेंट बनाने के लिए एक हजार बंदे पीछे एक मीलियन यूरो की लागत आती है। यह रकम भारतीय करंसी अनुसार 7 करोड़ 80 लाख रुपए के करीब बन जाती है। उन्होंने बताया कि गंदे पानी को साफ करने के लिए जहां भारी तकनीक प्रयोग करनी पड़ती है और ही यहां गड्ढे खोदे जाते है। संत सीचेवाल ने कंम्पनी के अधिकारियों को बताया कि उन्होंने अपने गांव सीचेवाल कुदरत के अनकूल ट्रीटमेंट प्लांट बनाया है जिसमें भारी रकम भी नहीं खर्च हुई और सोधिया हुआ पानी खेती को भी लगाया जा रहा। हालैंड के अधिकारी संत सीचेवाल द्वारा अपनाई तकनीक से बेहद प्रभावित हुए। इस अवसर पर कंम्पनी के वेयर हाऊस के इंचार्ज कुलदीप सिंह भोर, अमरजीत सिंह बाजवा, अमरीक सिंह संधू, अमरजीत सिंह लाडी, नरिंदर सिंह, सर्बजीत सिंह आदि सेवादार उपस्थित थे।

ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अपलाई जाने वाली तकनीक बारे विचार विमर्श करते हुए संत बलबीर सिंह सीचेवाल।