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कपूरथला-खोजेवाला ट्रेन हादसा: 4 मुलाजिमों को चार्जशीट मिली
कपूरथला-खोजेवालारेलहादसे में फिरोजपुर मंडल की ओर से चार मुलाजिमों को मेजर चार्जशीट एसएफ-5 दी गई है। इसमें असिस्टेंट लोको पायलट अभयकांत दिवाकर, गार्ड दर्शन सिंह, पीडब्ल्यूआई विवेक शर्मा और कंट्रोलर सुनील कुमार शामिल है।
इस चार्जशीट में तरक्की और इंक्रीमेंट रोका जा सकता है। चार्जशीट दिए जाने की पुष्टि डीआरएम एनसी गोयल ने की है। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों को चार्जशीट दी गई है। डीआरएम एनसी गोयल ने मामले की जांच के लिए डिवीजनल इनक्वारी कमेटी का गठन किया था। इसमें सीनियर डीएसओ एनके वर्मा, सीनियर डीएमई आरके तायल और सीनियर डीईएन आरके कालड़ा शामिल थे। एक सप्ताह में जांच करके टीम ने अपनी रिपोर्ट डीआरएम को सौंपी थी।
इसके आधार पर आरोपियों को चार्जशीट दी गई है। अभी मामले की जांच कमिश्रर रेलवे सेफ्टी सतीश कुमार मित्तल की ओर से जारी है। यदि वहां से इन्हें क्लीन चिट मिल जाती है तो इनकी चार्जशीट माफ कर दी जाएगी, लेकिन यदि सजा को बढ़ाया गया तो उसे बढ़ा दिया जाएगा।
मालूम हो कि तीन जनवरी को फिरोजपुर से चलकर जालंधर रही डीएमयू ट्रेन की खोजेवाला के आगे टैक्टर-ट्राली के साथ टक्कर हुई थी।
हादसे में डीएमयू ड्राइवर हरभजन सिंह समेत तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई। हादसे के गेटमैन बृजेश सिंह को जिम्मेदार ठहराया गया। क्योंकि उसने रेलवे फाटक को बंद नहीं किया था। मौके से गेटमैन फरार हो गया था। लेकिन रेलवे अधिकारियों की ओर से उसे तत्काल सर्विस से रिमूव कर दिया गया था।
हादसे के 19 दिन गेटमैन बृजेश सिंह को जीआरपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
सीआरएस ने मांगी ऑडियोबिलिटी टेस्ट रिपोर्ट
कमिश्नररेलवे सेफ्टी ने अपनी जांच को पूरा करने के लिए फिरोजपुर मंडल के अधिकारियों ने जिस फाटक पर हादसा हुआ वहां की ऑडियोबिलिटी टेस्ट की रिपोर्ट मांगी है। उनका कहना है कि जहां से ड्राइवर को ट्रेन के हॉर्न को बजाना होता है वहां से हॉर्न बजाए जाने पर गेट तक आवाज आती है या नहीं। इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। साथ ड्राइवर, गार्ड और असिस्टेंट लोको पायलट के ब्लड सैंपल रिपोर्ट मांगी है।
डीआरएम एनसी गोयल की जांच कमेटी पर उठ रहे हंै सवाल
डीआरएमएनसी गोयल की तरफ से बनाई जांच कमेटी पर शुरूआती दिनों से ही सवाल उठ रहे थे। इस जांच कमेटी में आपरेटिंग का कोई अधिकारी नहीं थी, जबकि आरोपियों में आपरेटिंग के गार्ड दर्शन सिंह और कंट्रोलर सुनील कुमार शामिल रहे। हमेशा यह होता है कि जिस ब्रांच का कोई मुलाजिम आरोपी हो उसका हेड जांच टीम में शामिल होता है। फिलहाल इस चार्जशीट के बाद आरोपियों को सेकेंड इनक्वारी में शामिल होना होगा। जिसमें वह अपना पक्ष रखेंगे। यदि उनके पक्ष में गलती नहीं मिली तो उनकी चार्जशीट को कम किया जा सकता है।