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आरसीएफ में निजीकरण के विरोध में रैली निकाली

7 वर्ष पहले
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आरसीएफमेंमेन्स यूनियन ने रेलवे में सीधे विदेशी पूंजी निवेश के विरोध में आरसीएफ के डा. भीम राव अंबेडकर चौक में रोष रैली की गई। इसको यूनियन के सचिव जसवंत सिंह सैणी, सीनियर उपाध्यक्ष तालित मुहम्मद, सहायक सचिव रजिंदर सिंह और संगठन सचिव हरमिंदर सिंह खालसा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अच्छे दिनों की आस लगाए बैठे देश के करोड़ों लोगों के सपनों को देश के लगभग सभी सरकारी संस्थाओं में डायरेक्ट विदेशी पूंजी निवेश में छूट देकर केंद्र सरकार ने पानी फेर दिया है।

उन्होंने कहा कि रेलवे और रेलवे की उत्पादित इकाईयों को भी निजी कंपनियों को देने का फरमान 27 अगस्त को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने जारी किया है। इस के साथ रेलवे के पुर्जे बनाने वाले कारखाने, रेलवे लाइनों, रेलवे स्टेशनों पर नए रेल डब्बे बनाने का काम और रेलवे की अन्य उत्पादन ईकाई निजी हाथों में चले जाएगी। इस से रेलवे के 14 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे। इस मौके रेलवे कर्मचारियों को अपील की कि वह केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए फरमानों पर मजदूर विरोधी फैसलों के विरोध में किए जाने वाले संघर्षों में बढ़चढ़ कर शिरकत करे।

5दिसंबर को भारत बंद करने का आह्वान

कर्मचारियोंने कहा कि इन फैसलों के विरोध में देश की प्रमुख ट्रेड यूनियन की ओर से 5 दिसंबर को भारत बंद किया जाएगा। इस मौके आरसीएफ मेन्स यूनियन के अध्यक्ष राजबीर शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष हरिदत्त, प्रभजीत चीमा, सुरजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

आरसीएफ के डा. भीम राव अंबेडकर चौक में रैली के दौरान कर्मचारी।