तनख्वाह मिलने पर आठवें दिन भी हड़ताल
मनरेगाकर्मचारीयूनियन के आह्वान पर चल रही कलम छोड़ हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रही। उन्होंने जिला परिषद कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उन्होंने बताया कि वे पिछले 6 साल से वे कम सैलरी पर काम कर रहे हैं। फिर भी उनकी सैलरी नहीं बढ़ाई गई। इससे घर का गुजर-बसर करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा मांग की गई कि ठेके पर भर्ती कर्मचारियों को रेगुलर करो, अन्य कर्मचारियों के सामान्य पे स्केल दिया जाए और कंटीजेंसी स्कीम को बंद करने की जाए। ब्लाक अध्यक्ष मंगल सिंह ने कहा कि वर्तमान में पंजाब में लेबर की 200 करोड़ की लाइबेल्टी तैयार की गई है। जबकि सरकार द्वारा गांवों में काम करते मजदूरों की अदायगी नहीं की गई। जिस कारण मनरेगा कर्मचारियों की सात माह से वेतन रुके पड़े हैं। जिला प्रशासन को इस संबंधी कई बार मांग पत्र दिया गया, लेकिन इसपर अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर तक जिला स्तर पर रोष प्रदर्शन और 23 सितंबर को निदेशक ग्रामीण विकास पंचायत विभाग के कार्यालय में घेराव किया जाएगा।
इस मौके पर विशाल अरोड़ा, अलविन्द्र कौर, सुरजीत, विक्रांत, कमलजीत, रघुबीर सिंह, सुरिन्द्र सिंह, जगरूप सिंह, गुरदीप सिंह, हरदीप सिंह, सुरजीत नाहर, रामदित्ता, अमृतपाल सिंह, रविंद्रपाल सिंह, रणजीत सिंह, राजेश राय, परमिन्द्र सिंह हैप्पी, गुरमीत सिंह, कमलजीत कौर, पलविन्द्र कौर, राजवंत कौर, गुरविन्द्र कौर, चरणजीत कुमार, गुरप्रीत सिंह और जसप्रीत सिंह आदि मौजूद थे।
मनरेगा कर्मचारियों ने कहा कि अगर मांगों पर अमल नहीं किया गया तो 23 सितंबर को ्रामीण विकास पंचायत विभाग के कार्यालय में घेराव किया जाएगा।