बसंत मेला आज, निमंत्रण कार्ड से विधायक राणा का नाम गायब
अरुण खोसला/पवन कालिया | कपूरथला
नगरपरिषदने आर्थिक तंगी के दौर से गुजरते हुए भी रियासती बसंत मेला 4 साल बाद 2016 में मनाएगी। इसका श्रेय परिषद की पहली महिला प्रधान अमृतपाल कौर वालिया को जाता है जिनके प्रयासों से बसंत मेला 12 फरवरी को धूमधाम से मनाया जा रहा है। दूसरी ओर परिषद की तरफ से बांटे जा रहे मेले के निमंत्रण कार्ड और स्वागत करते बोर्डों पर परिषद हाउस के सदस्य और क्षेत्रीय विधायक राणा गुरजीत सिंह का नाम गायब है।
नगर परिषद शालीमार बाग में 12 फरवरी को बसंत मेला करवाएगी। मेले में सुखशिंदर शिंदा रंगारंग कार्यक्रम पेश करेंगे। उन्हें लाखों की पेमेंट की जाएगी। जबकि मौजूदा हालातों के अनुसार परिषद आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। उसके पास अपने रिटायर्ड कर्मियों को देने के लिए फंड भी नहीं है। शहर का विकास भी फंडों के कारण रुका है। साल पहले शहर के विकास के लिए जो 21 करोड़ की मांग की गई थी उसमें सिर्फ 6 करोड़ पास हुएं जो अभी तक भी नहीं आए हैं।
मेले को लेकर नगर परिषद द्वारा लगाया गया पोस्टर इसमें विधायक राणा गुरजीत कहीं नहीं है।
ईओ ने झाड़ा पल्ला
ईओएसके अग्रवाल ने कहा कि मेले पर करीब 4 लाख रुपए खर्च आएगा। विधायक का नाम गायब होने संबंधी वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। वहीं परिषद अध्यक्ष अमृतपाल कौर वालिया ने कहा कि पहली बार बसंत मेले का आयोजन करवा रही हैं। मुश्किल से उन्होंंने फंड की व्यवस्था की है। विधायक का नाम कार्ड में होने पर कहा कि उन्हें इस बारे कुछ मालूम नहीं। हालांकि वैसे उन्हें न्यौता दिया गया है।
कोई मलाल नहीं: राणा
विधायकराणा गुरजीत सिंह ने कहा कि उन्हें बसंत मेला मनाए जाने की बहुत खुशी है। बेशक इसमें उन्हें नजरंदाज किया गया जिसका उन्हें कोई मलाल नहीं। आखिर 4 साल बाद कपूरथला वासियों को बसंत मेले का लुत्फ उठाने का मौका तो मिलेगा।
मेले में आने वालों का कूड़े के ढेरों से होगा स्वागत
नगरपरिषद कपूरथला द्वारा शहर का कूड़ा उठाने का ठेका जेआईटीएफ कंपनी को दिया गया है। परंतु कंपनी के कर्मचारी कई-कई दिनों तक शहर में कूड़े की लिफ्टिंग नहीं करते। इससे शहर में गंदगी का माहौल बना हुआ है। अब बसंत मेले में आने वालों का कूड़े के ढेर स्वागत कर नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल भी खोलेंगे।
परिषद द्वारा ऐतिहासिक 95वें बसंत मेले के जो कार्ड बनाए गए हैं, उसमें भी क्षेत्रीय विधायक राणा गुरजीत सिंह का नाम प्रकाशित नहीं किया है। यह सत्ता पक्ष के नेताओं की राजनीतिक चाल को दर्शाता है। हालांकि कार्ड पर पार्षद चुनावों में शिकस्त खाए कुछ अकाली-भाजपा नेताओं का नाम जनप्रतिनिधि के तौर पर प्रकाशित किया गया है। सिर्फ 2 कांग्रेस पार्षदों का नाम औपचारिकता के तौर पर रखा गया है।
कांग्रेसी करेंगे बायकाट
नपके विपक्षी नेता पार्षद मनोज भसीन ने कहा कि कार्ड में जनप्रतिनिधियों को छोड़कर अन्य की भरमार है। कांग्रेसी पार्षद मेले का बायकाट करेंगे। सुरिन्दर पाल सिंह ने कहा कि कौंसिल के पास तो अपने रिटायर कर्मियों को देने के लिए पैसे तक नहीं हंै।