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समाजिक बुराइयों प्रदूषण के िखलाफ लेखक विद्वान करें नेतृत्व : सीचेवाल

7 वर्ष पहले
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वातावरणप्रेमीसंत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल की जिंदगी को समर्पित कवि जसबीर सिंह वाटावली द्वारा रचित महाकािव ‘वेईं नामा’ पर सिरजना केंद्र रजिस्ट्रड कार्यालय विरसा विहार में विचार गोष्ठी कवि दरबार करवाया गया। इस समारोह में संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे जबकि अध्यक्षता मंडल में डॉ. निर्मल सिंह लाबंड़ा, डॉ. आसा सिंह घुम्मण, प्रो. कुलवंत सिंह औजला, नक्षत्तर सोनिया, प्रिंसीपल प्रीतम सिंह सरगोरिया, इंजी. छज्जा सिंह, डॉ. जसवंत सिंह प्रो. जसवीर कौर आदि शामिल हुए।

सिरजना केंद्र के अध्यक्ष प्रो. कुलवंत औजला ने सभी लेखो विद्वानों का अभिनदन करते हुए वाटावली द्वारा रचित महाकवि वई नामा के बारे में कहा कि संत सीचेवाल द्वारा वातावरण प्रदूषण के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई में पवित्र काली वेईं तो केवल एक संकेतक कार्य है, लेकिन जिस स्तर पर आज सीचेवाल ने आवाज बुलंद की है वह मानवता के लिए एक सच्चा-सुच्चा अमली संदेश है। वाटावली का महाकाव इस कर्मयोगी के कर्म की बात पा रहा है। डॉ. राम मूर्ति रोशन खेड़ा इस पुस्तक के रचेता वाटावली को बधाई देते हुए कहा कि यह महाकाव किसी काॅलेज में पढ़ रहे छात्र की रचना नहीं बल्कि एक अनुभवी लेखक के अनुपम है, जो संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के शुभकर्म बाबा नानक के जीवन दर्शन का मार्ग दर्शन करती है। प्रो. हरबंस सिंह चाहल, प्रो. सीमा, प्रो. आसा सिंह घुम्मण प्रो. निर्मल सिंह ने कहा कि साहित्यकार वही होता है जो अपने चौगिरदे में हो रहे संघर्ष, घुल्लोघारे समाजिक बुराइयों को अपने विचारो द्वारा लोगो को जागरूक करने का कर्त्तव्य निभाए। इस अवसर पर संत बाबा बलबीर सिहं सीचेवाल ने कहा कि जबतक विद्वान बद्धिजीवी लोग समाज में फैल रही बुराइयों को रोकने के लिए मार्ग दर्शक नहीं बनते तब तक मानवता को खतरा ही रहता है। इस समारोह के दूसरे चरण में करवाए गए कवि दरबार में सुरजीत साजन, हरपुल सिंह, जंग बहादर सिंह घुम्मण, रुप दबुर्दी, प्रो. सरदूल औजला, गुरचरन तखतर, कंवर इकबाल, चन्न मोमी, मजिंदर कमल, धर्मपाल पैंथर, देसराज भुलपूर, सुखविंदर मोहन सिंह, बिट्टू काजली, लाडी सुखजिंदर कौर भुल्लर, वरिंदर शैली, हरजिंदर राणा, वरिंदर रोकी, कुमार आशू, गुरमुख सिंह ढोट, बीबी हरप्रीत कौर, भाई कुलवंत सिंह आदि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर गुरप्रीत कौर, हरप्रीत कौर, प्रिंसीपल प्रोमिला