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माघी महोत्सव के विदाई सत्संग में भ्रूणहत्या के खिलाफ जगाई अलख

6 वर्ष पहले
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गुरु रविदास जी का कीर्तन दरबार कराया

मोहनजगदीश्वर आश्रम कनखल हरिद्वार के अनंत श्री विभूषित 1008 महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद जी महाराज की अध्यक्षता में श्री रघुनाथ मंदिर में चल रहा माघ महोत्सव रविवार को संपन्न हो गया।

समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्वामी दिव्यानंद जी और स्वामी विवेकानंद जी महाराज का आर्शीवाद प्राप्त करने को उमड़े। माघ महोत्सव के समापन के उपरांत श्रद्धालुओं ने नम आंखों से स्वामी दिव्यानंद जी और विवेकानंद जी को भावभीनी विदाई दी।

स्वामी जी अपनी शिष्य मंडली सहित हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। इस दौरान आसमान सद्गुरू देव महाराज के जयकारों से गूंज उठा। विदाई सत्संग दौरान प्रवचनों की अमृतवर्षा में स्वामी दिव्यानंद गिरि जी महाराज ने बेटियों को देश की शान करार देते हुए भ्रूणहत्या को महा पाप बताया।

उन्होंने कहा कि आज समाज में हर तरफ अराजकता, भ्रष्टाचार तथा ईष्या का बोलबाला है। मनुष्य कहीं पर भी शांत नहीं दिखाई दे रहा। महापुरुषों ने कहा कि ‘नारी निंदा करो, नारी नर की खान-नारी से पैदा हुए राम-कृष्ण भगवान’।

मगर बड़े दु:ख की बात है कि आज नारी को नीचा दर्जा दिया जा रहा है। मनुष्य की गंदी मानसिकता के कारण भ्रूणहत्या जैसे घिनौने अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। जबकि दूसरी तरफ भारत का इतिहास झांसी की रानी, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी, प्रतिभा पाटिल, कल्पना चावला, मदर टैरेसा, किरण बेदी जैसी महिला शख्सियतों की गाथाओं को बयान कर रहा है, जिनसे मनुष्य को प्रेरणा लेनी चाहिए कि महिलाएं आज समाज में पुरुषों से कम नहीं हैं। बल्कि वह राष्ट्र का संचालन तक कर सकती हैं।

इसीलिए आज हमें यह प्रण लेना होगा कि इस भ्रूणहत्या के खिलाफ हम लोगों को जागरूक करेंगे। (जसकरन)

कीर्तन दरबार में हाजिरी लगाते श्रद्धालू।

प्रवचन करते हुए स्वामी दिव्यानंद जी महाराज।