सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
पंजाबएंड यूटी मुलाजिम संघर्ष कमेटी पंजाब के आह्वान पर विभिन्न विभागों के सैकड़ों मुलाजिमों ने मंगलवार को जिला प्रबंधकीय परिसर के समक्ष धरना देकर पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार के विरुद्ध जोरदार रोष प्रदर्शन किया। मुलाजिमों ने शहर में रोष मार्च कर कहा कि अकाली-भाजपा सरकार मुलाजिम मांगों संबंधी संघर्ष कमेटी के साथ किए समझौते को लागू करने से टाल-मटोल कर सरकारी निजी जायदाद नुकसान रोकू बिल जैसे काले कानून पास कर रही है। धरने की अगुवाई संघर्ष कमेटी के जिला कन्वीनर स्वर्णजीत सिंह, जीत सिंह बंगां, प्रताप सिंह मांगट, बंत सिंह चमकौर सिंह खेड़ी ने की।
प्रवक्ताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय बादल सरकार ने छठे पंजाब वेतन कमीशन का गठन करने, दिहाड़ीदार ठेके पर काम करते मुलाजिमों की सेवाएं रेगुलर करने, आउटसोर्सिंग निजीकरण की नीति बंद करने, वेतन स्केलों की खामियां दूर करने, महंगाई भत्ते की किश्तों का समय पर भुगतान करने, आशा, मिड-डे मील, आंगनवाड़ी, मनरेगा, ई. पंचायत मुलाजिमों की मांगों का निपटारा करने, कैश लैस हेल्थ स्कीम लागू करने, खाली पोस्टों को रैगुलर भर्ती से भरने आदि मांगों को स्वीकारते हुए लागू करने का वायदा किया था परंतु अब सरकार इन मांगों को लागू करने से भाग रही है। साथ ही मुलाजिमों की भर्ती पे-बैंड के प्राथमिक वेतन पर करने, मुलाजिमों के वर्गीकरण कम करने जैसे मुलाजिम विरोधी फरमान जारी कर रही है। उन्होंने स्वीकृत मांगों को लागू करने, वेतन कमीशन की सिफारिश के अनुसार महंगाई भत्ते का 100 प्रतिशत बेसिक वेतन में जोड़ने, कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम रद्द करने, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के अधीन सरकारी अदारों को कारपोरेट घराणों को सौंपने की नीति तुरंत बंद करने की मांग भी की गई।
धरने को जरनैल सिंह, मेला सिंह पुंनावाल, बलवीर चंद लौंगोवाल, मालविंदर संद्धू, गुरप्रीत सिंह मंगवाल, गुलजार खां, सीता राम, बलजीत सिंह बडरूखां, राजविंदर कौर नवांगाओ, जसवीर कौर, सुरिंदर सिंह, जगदेव सिंह बालिया, दर्शन सिंह मट्टू, रणजीत सिंह रणवां, हरजीत सिंह बालियां, प्रेम सिंह, अनिल कुमार, गोबिंद कांत झा, रणजीत सिंह बिंजोकी ने संबोधित किया।
संगरूर में मंगलवार को धरने के दौरान नारेबाजी करते हुए मुलाजिम।