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फत्ता कुल्लां में तीन क्लासेज पढ़ाने के लिए एक टीचर
गुरदासपुरकीहद से लगने वाले आखिरी गांव फत्ता कुल्लां के सरकारी मिडल स्कूल में एकमात्र टीचर तीन क्लासों को पढ़ा रहा हैं। शिक्षा सुधारों के सरकारी दावों के विपरीत इस गांव के बच्चों को गत एक साल से भी ज्यादा समय से हिंदी, अंग्रेजी और साईंस के तीन टीचर नहीं हैं। एकमात्र मैथ्स टीचर नरिंदर मंगल ही छठी से 8वीं तक के बच्चों को सभी विषय पढ़ा रहे हैं।
यह नहीं कि इस समस्या से संबधित विभाग वाकिफ नहीं बस गैर संजीदगी के चलते बारबार मांग के बावजूद इस स्कूल में स्टाफ नहीं पूरा किया जा रहा जिससे यहां पढ़ने वाले फत्ता कुल्ला संतोष नगर गांवो के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उधर गांव के प्राइमरी स्कूल में भी एक पोस्ट खाली पड़ी है। साईंस इंगलिश टीचर की पोस्ट दो साल से हिंदी टीचर की पोस्ट एक साल से खाली है। मेघोवाल (माहिलपुर) से तीन जुलाई को यहां बदली करवाने वाला साइंस टीचर भी यहां ज्वाइन करने की बजाए अपने स्टेशन पर ही रहा।
गांव के सरपंच जसवीर सिंह, पंच दर्शन सिंह, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य मलकीयत सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक अप्रोच की लेकिन समस्या वहीं की वहीं है। जिससे वह निराश है।
आठवीं कक्षा की कोमलप्रीत कौर, सातवीं कक्षा के हरप्रीत सिंह, जश्नप्रीत सिंह और छठी के गुरप्रीत ने बताया कि स्कूल में टीचर होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चों ने सरकार से टीचर भेजने की मांग रखी। इस संबधी विधायक संगत सिंह गिलजियां ने कहा कि सरकार के शिक्षा सुधारों के दांव खोखले हैं। यह समस्या उनके नोटिस में आई जिसके हल के लिए संबधित अधिकारियों से बात करेंगे।
विधायक संगत सिंह गिलजियां कहते हैं कि यह सरकारी की अनदेखी का नतीजा है। इस संबंध में वह अफसरों से बात होगी।
फत्ता कुल्लां के सरकारी मिडल स्कूल एक साल से एक टीचर के भरोसे है। लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार अफसरों और नेताओं से कहा जा चुका है।