पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बुधवार दोपहर से पहले करें श्राद्ध

बुधवार दोपहर से पहले करें श्राद्ध

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मोगा| अश्विनमास के कृष्ण पक्ष के 15 दिन श्राद्ध पक्ष कहलाते है। लोग अपने पितरों के लिए इन 15 दिनों में उनकी देहांत तिथि पर श्राद्ध करके पितरों का ऋण चुकाते हैं। श्री सनातन धर्म मंदिर के पुजारी पं. पवन गौतम ने बतलाया कि श्राद्ध का अर्थ है कि जो कुछ श्रद्धा से दिया जाए। इसमें हो सकें तो अपने पितरों की तिथि पर श्राद्ध एवं प्रतिदिन तर्पण करें। जिससे पितर प्रसन्न होकर घर में किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहने पितरों का गया जी में जाकर पिंडदान किया जाता है वह पितर परमगति को प्राप्त करते हैं। श्राद्धों में पितरों को अन्न जल का दान करने वाला प्राणी अपने पितरों की कृपा से लंबी आयु, दीर्घजीवी, पुत्र, अन्न, धन-धान्य, लक्ष्मी, सुख भोगता है। ग्रंथों के अनुसार अश्विन मास के श्राद्ध पक्ष लगते ही पितर अन्न जल की इच्छा लेकर पितृ लोक से मृत्यु लोक में अपने वंशियों के द्वार पर आते है। पं. गौतम ने बताया कि इस वर्ष अमावस्या का श्राद्ध मंगलवार सुबह 09.45 के बाद या 24 सितंबर को बुधवार दोपहर 11.45 बजे से पहले कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमावस्या 23 सितंबर को सुबह 9.45 बजे शुरू होकर 24 सितंबर दोपहर पौने 12 बजे तक रहेगी। (शिवा)