माता सीता को धोखे से हर ले गया रावण
मोगा| सीतास्वयंवर कला केंद्र की ओर से गीता भवन चौक में जारी रामलीला की पांचवीं नाइट में मुख्य अतिथि पहुंचे कृषि मंत्री के पीए गुरविंदर सिंह बबलू ने मंच का उद्घाटन किया, वहीं दरबार में ज्योति प्रज्जवलित की रस्म स्व. पंडित सतपाल जी के सुपुत्र देवी प्रसन्न ध्वजारोहण दीपक बेदी ने किया। रामलीला में पात्रों द्वारा दृश्य दिखाए गए, जिसमें वनवास काट रहे राम लक्ष्मण सीता के समक्ष रावण की बहन सूर्पणखा का पहुंचना सूर्पणखा का राम लक्ष्मण ंद्वारा सूर्पणखा की नाक काटना, रावण का ब्राह्मण भेष में आकर सीता को हर कर ले जाना राम लक्ष्मण का सीता के वियोग में वन वन भटकते हुए जटायु के पास पहुंचना जटायु द्वारा भगवान राम लक्ष्मण को बताना कि एक नारी को रावण उठाकर लंका में ले गया है। इसी तरह राम लक्ष्मण का हनुमान जी से मिलना आदि दृश्य दिखाए गए। रामलीला में भजन गायक महेन्द्र कोमल द्वारा मोरनी रे मोरनी मै जंगल की मोरनी.., जैसे गीतों का गुणगान किया गया। इस अवसर पर सुखदेव अरोड़ा, पंडित श्याम लाल, पंडित भगवती प्रसाद, संदीप शर्मा, पूर्व पार्षद दीपइन्द्र संधू, जतिंदर बेदी, महेन्द्र पाल गोरा, बिंटू अरोड़ा, अमरजीत, मास्टर हरभजन सिंह गिल, परमजीत सिंह आदि सदस्य हाजिर थे। (शिवा)
रामलीला के मंच पर सीता हरण का दृश्य पेश करते पात्र।