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अध्यापक यूनियन ने डीसी को सौंपा ज्ञापन

7 वर्ष पहले
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शिक्षाप्रोवाइडर अध्यापक यूनियन ने जिला स्तरीय धरना देकर शुक्रवार को डीसी को मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर यूनियन के स्टेट मेंबर कुलदीप सिंह बड्डूवाल ने कहा कि शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापकों की ओर से समय समय पर सालों से किए जा रहे संघर्ष के बावजूद भी राज्य सरकार उनकी मांगों को लेकर लारेबाजी की नीति अपना रही है।

शिक्षा प्रोवाइडरों से स्कूलों में हर तरह की डयूटियां लेने के बावजूद 7,500 से 9,000 रुपए महीना भत्ता दे रही है। जो उनके साथ बेइंसाफी के साथ साथ भद्दा मजाक भी है। उन्होंने बताया कि इन संघर्षों के दौरान सरकार की ओर से प्रिंसिपल सेक्रेटरी एसके संधू शिक्षा सचिव को भी शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापकों को रेगूलर करने संबंधी प्रपोजल तैयार करने के लिए कहा गया था, लेकिन उनकी इस समस्या संबंधी सरकार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस हल नही निकाला गया। इस को लेकर अध्यापकों में रोष पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह आने वाले समय में अपने इस संघर्ष को तेज करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

उन्होंने कहा कि इतनी महंगाई के जमाने में इतने कम वेतन पर परिवारों का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष जसवीर सिंह, सीनियर नेता नवतेज बराड़, जगसीर सिंह, वीरपाल सिंह, जगजीत सिंह, राम अवतार, हरभिंदर सिंह सहित अन्य ब्लाकों के अध्यक्ष उपस्थित थे। (संदीप)

मोगा | ट्रेडयूनियनों के आह्वान पर भारत सरकार की मजदूर विरोधी आर्थिक औद्योगिक नीतियों के खिलाफ डिप्टी कमिश्नर को जिला इंटक प्रधान एडवोकेट विजय धीर इंटक महासचिव दविंदर सिंह जौड़ा की अगुवाई में सैकड़ों वर्करों ने मांग पत्र सौंपा। धीर ने कहा कि भारत की मौजूदा मोदी सरकार बिना किसी पर्दे से बड़े घरानों की कठपुतली सरकार बनी हुई है। इस मौके पर जिला इंटक महासचिव दविंदर जौड़ा ने कहा किम मोदी सरकार ने मजदूर विरोधी आर्थिक औद्योगिक नीतियां अपनाकर मजदूरों के नाक में दम कर दिया है। जिस कारण बेरोजगारी में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने सरकार से मजदूरों की मांगों को लागू करने की अपील की। इस मौके पर दर्जा चार यूनियन के प्रदेश प्रधान कर्मचंद चंडालिया, सुखमन्द्र सिंह नेस्ले, राजविंदर सिंह लवली, चमकौर सिंह, जसवंत सिंह जस्सा, गुरदयाल सिंह, चरणचीत काला, नायब सिंह, संतोख सिंह, लाल सिंह लाली, सोनू, प्रीतम सिंह बिल्लू, हरपाल सिंह, जगतार सिंह, सतपाल सिंह, बलदेव सिंह, प्रदीप कुमार, यशपाल जैन हाजिर थे। (शिवा)