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प्रशासन झुका, स्टूडेंट्स और मजदूर नेता बिना शर्त रिहा

7 वर्ष पहले
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घलकलांथाने की ओर से 1 दिसंबर की रात को गिरफ्तार किए पीएसयू के प्रांतीय सचिव और मजदूर नेता नछतर सिंह को बिना शर्त रिहा कर दिया है। घलकलां पुलिस ने थाने के मुंशी गुरविंदर सिंह की शिकायत के आधार पर रजिंदर सिंह और नछत्तर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने पहले दावा किया था कि रजिंदर सिंह नछत्तर सिंह ने पुलिस मुलाजिमों की वर्दियां फाड़ी उनके हथियार छीनने की कोशिश की परंतु अब पुलिस अपने इस दावे से मुकर गई है और केस वापस ले लिया है। उल्लेखनीय है कि रजिंदर सिंह नछत्तर सिंह ने इस मामले को झूठा बताते हुए इसमें जमानत करवाने से इंकार कर दिया था। इस कारण नौजवान भारत सभा, भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी, जमहूरी अधिकार सभा अन्य भाइचारा जत्थेबंदियों ने मोगा पुलिस के खिलाफ संघर्ष करने का ऐलान किया था। रिहाई के बाद रजिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने उसको झूठे मामले में उलझाने की नीयत से यह मामला दर्ज किया था। एक्शन कमेटी के नेता गुरदित्त सिंह सेखों, कुलदीप सिंह, सुखजिंदर सिंह सुखी, गुरदियाल भट्टी, मास्टर मक्खन सिंह, लाल सिंह गोलेवाला नीतू कपूर ने कहा कि पुलिस जानबूझ कर रजिंदर सिंह पर झूठे मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले फरीदकोट और बाद में फिरोजपुर पुलिस ने भी इसी साल रजिंदर सिंह के खिलाफ झूठे पर्चे दर्ज किए थे। उन्होंने कहा कि फरीदकोट में अगवा हुए बच्चों की रिहाई के लिए शुरू किए गए संघर्ष से खफा पुलिस जत्थेबंदियों के नेताओं के खिलाफ झूठे पर्चे दर्ज कर रही है, जिसका डट कर विरोध किया जाएगा।

रिहाई के बाद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्टूडेंट्स नेता।