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मिठाइयाें में करें घटिया रंगों का इस्तेमाल

7 वर्ष पहले
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अबअगर मिठाई में डालने के लिए कपड़े रंगने वाले रंग का इस्तेमाल किया तो इस पर सेहत विभाग कार्रवाई करेगा। सेहत मंत्री के साथ हुई बैठक में सेहत अधिकारियों को विशेष आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि हलवाई सस्ते रंगों का इस्तेमाल कर मिठाई की गुणवता से खिलवाड़ कर रहे हैं।

डचेकिंग अभियान के दौरान अगर मिठाई में घटिया रंगों का प्रयोग पाया गया तो विभाग की ओर से ऐसे मिठाई विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सेहत मंत्री ने आदेश दिए हैं कि मिठाई विक्रेता मिठाइयों में बढिय़ा क्वालिटी के परमिटेड सिंथेटिक फूड कलर का ही प्रयोग करें।

दुकानदारकरें फूड सेफ्टी एक्ट 2006 का पालन : फूडसेफ्टी एक्ट के तहत बनाए गए नियमों का पालन करते हुए खाद्य पदार्थ तैयार किए जाए। दुकानदार सामान तैयार करने वाले कारीगरों का समय समय पर नजदीकी सेहत केंद्र से मेडिकल जांच करवाए। खाद्य पदार्थ बनाने वाले कारीगरों के प्रति सप्ताह नाखून काटे जाने जरूरी है। समाना बनाते समय सिर पर कैप अवश्य डाले। हाथों में ग्लब्स डालकर ही रसोई घर में जा मिठाई तैयार करें। रोजाना साफ कपड़े पहनकर ही खाद्य पदार्थ तैयार किए जाए। समूह मिठाई विक्रेताओं की दुकानों पर फ्लाई इंसेक्ट किलर लगा होना अनिवार्य है। इन नियमों का पालन करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। (संदीप शर्मा)

शुद्धता संबंधी ग्राहकों को गलत विज्ञापन दे उनसे धोखा करने वाले को विभाग की ओर से 10 लाख तक जुर्माना किया जाएगा। अकसर मिठाई विक्रेताओं की ओर से देसी घी से यां शुद्ध खोए से मिठाई बना बेचने के दावे किए जाते है। अगर कोई भी दुकानदार शुद्ध देसी घी से बनी मिठाई बेचने का दावा करने के बावजूद भी मिलावटी मिठाई बेचेगा तो दस लाख तक का जुर्माना देना होगा। यह हिदायतें सेहत मंत्री फूड ड्रग अथॉरिटी कमिश्नर की ओर से दी गई है।

त्योहारों के सीजन के दौरान सेहत विभाग की ओर से शुरू किए जाने वाले चेकिंग अभियान के दौरान मिलावटी मिठाइया मिलने पर संबंधित दुकानदार से एक लाख रुपए जुर्माना मौके पर ही वसूल किया जाएगा।

निर्देश

^विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन लाइसेंसिंग के लिए निश्चित की 4 अगस्त तक फूड सेफ्टी एक्ट के अधीन रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग करवाने वालों को 6 माह की कैद और 5 लाख रुपए का जुर्माना किया जाएगा। अगर खाद्य विक्रेता की ओर से वर्ष 2013 या इससे पहले रजिस्ट्रेशन करव