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- \"गांवों में नहीं घुसने देंगे प्राइवेट ऑडिटर\'
\"गांवों में नहीं घुसने देंगे प्राइवेट ऑडिटर\'
सरकारके आदेश के बाद जिले के अकाली और कांग्रेसी सरपंच सरकार के खिलाफ हो गए हैं। सरकार ने गांवों में हुए विकास कार्यों का ऑडिट प्राइवेट कंपनियों से करवाने के आदेश दिए, जिससे सरपंचों के सरकार के प्रति ही सुर बदल गए हैं। शिरोमणि अकाली दल बादल के बलबूते चुनाव लड़कर जीते सरपंचों ने सरकार के ही आदेश का विरोध करना शुरू कर दिया है। मोगा के एक बड़े होटल में बैठक कर अकालियों समेत दूसरी पार्टियों के सरपंचों ने भी इन ऑडिटरों को गांवों में नहीं घुसने देने का फैसला लिया है।
पहलेचलता था ऐसे काम
उल्लेखनीयहै कि प्रदेश सरकार के विधायक या फिर सांसद की ओर से अपने अख्तियारी फंड से पैसे गांवों में विकास के लिए दिए जाते हैं। इसे खर्च करने के बाद ब्लाक डेवलेपमेंट और पंचायत विभाग का जेई गांव में आता है और हुए खर्च के बारे में जानकारी जुटाकर विभाग को रिपोर्ट करता है। इसके बाद यूटिलाइज सर्टिफिकेट यानि यूसी विभाग की ओर से जारी होता है। इस पर संबंधित गांव के सरपंच, पंचायत सचिव, संबंधित जेई और बीडीपीओ के साइन होते हैं और इसका एनओसी भी जारी हो जाता था।
अबमांग रहे पक्के बिल : सरपंचोंकी ओर से पहले कच्चे यानि फर्जी बिल लगाकर अपने बिल पास करवा लिए जाते थे। मगर अब सरकार के आदेश के बाद ऑडिटरों को पक्के यानि वैट के बिल जमा करवाने होंगे और यह बिल पूरा पैसा दिए बिना नहीं काटे जाते हैं। सरपंचों के अनुसार सरकारी आदेश के अनुसार पिछले समय में हुए बिलों का आडिट भी करवाने के आदेश दिए गए हैं।
गबनकी मिली हैं कई शिकायतें : बीडीपीओदफ्तर के एक अधिकारी ने बताया कि गांवों में सरपंचों की ओर से पूरी ग्रांट को गांवों के विकास पर नहीं लगाया जाता था। कई बार शिकायतें मिली थीं कि फर्जी बिलों के सहारे एनओसी सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाते हैं और इससे सरकार का नुकसान होता है।
सरपंचोंने बैठक में सरकार के खिलाफ निकाली भड़ास : शहरके बुघीपुरा चौक में एक बड़े होटल में जिले के सभी 4 ब्लाकों के करीब 50 सरपंचों पंचों ने हिस्सा लिया। बताया जा रहा है कि इसमें बड़ी संख्या सरपंचों ने सरकार के खिलाफ अपनी पूरी भड़ास निकाली। इस दौरान फैसला लिया गया कि पूरे जिले में आने वाले प्राईवेट ऑडिटरों को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा।
उधर, डीसी परमिंदर सिंह गिल ने कहा कि अगर सरकारी आदेश आते हैं तो हर हाल में प्राइवेट ऑडिट करवाया जाएगा।