ताड़का के साथ असुरों का संहार किया
सीतास्वयंवर कला केंद्र की ओर से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीलाओं पर आधारित रामलीला के दूसरे दिन गीता भवन चौक में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे अकाली नेता दविंदर सिंह रनियां ने मंच का शुभारंभ और मोगा धाम श्री चामुंडा देवी चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रोजेक्ट चेयरमैन दविंदर कंडा ने ज्योति प्रज्वलित करने की रस्म अदा की।
इस दौरान भजन गायक महेंद्र कोमल ने हे महादेव मेरी लाज रहे लाज रहे मेरा काज रहे.., गणपति आराधना से रामलीला की शुरुआत की। इस दौरान पात्रों की ओर से मंच पर ऋषि विश्वामित्र का भगवान राम लक्ष्मण को बाल रूप में शिक्षा के दौरान जंगलों में ले जाना, असुरों का जंगलों में तपस्या कर रहे ऋषियों की तपस्या भंग करना और भगवान राम की ओर से राक्षसी चाची ताड़का का वध करना और रावण द्वारा अपनी शक्तियों का प्रयोग करके अपना बल दिखाना जैसे दृश्य दिखाए गए। अकाली नेता दविंदर रनियां ने कहा कि एेसे मंचों पर जब पात्र हमें अलग-अलग स्वरूपों में भगवान राम की अलग-अलग लीलाओं को दर्शाते हैं तो हमें भी जहां पर आकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के दिखाए मार्ग पर चलने का प्रण लेना चाहिए, तभी हम अपने जीवन को सफल बना सकेंगे।
सीता स्वयंवर कला केन्द्र के अध्यक्ष मास्टर सुखदेव अरोड़ा ने कहा कि शहर वासियों के सहयोग से पिछले 28 सालों से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। वहीं रामलीला में मंच का संचालन गगन सितारा ने किया। इस अवसर पर पंडित श्याम लाल, बिट्टू अरोड़ा, परमजीत सिंह गिल, राजेश चांद, मास्टर हरभजन गिल, बलविंदर अरोड़ा, मंगत राय सोखी, बलदेव खालसा, राजीव खन्ना, राजेश कुमार, सोनू जैसवाल, नरेश बोहत, कुलवंत बोहत आदि हाजिर थे।(शिवा)
रामलीला के मंच पर रावण दुहाई का दृश्य पेश करते कलाकार।
सीता स्वयंवर कला केंद्र की ओर से आयोजित रामलीला में उपस्थित श्रद्धालु।