नशेड़ियों से सहमी ओएसटी सेंटर की कर्मी
मोगा| सिविलअस्पताल के ओएसटी (ओपयाड सबस्टिट्यूशन ट्रीटमेंट सेंटर) में तैनात महिला कर्मी नशेडिय़ों के हमले से सहमी हुई हैं। पिछले 5 माह से यहां मेडिकल अफसर की तैनाती नहीं हो पाई है। यहां पर महिला स्टाफ नर्सें ही इस सेंटर में दवाई लेने वाले नशेडिय़ों को दवाइयां देती है। बुधवार को यहां पर उपचार करवाने वाले नशेड़ी की ओर से दवाई लेने को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया गया। स्टाफ नर्सों ने तुरंत सीनियर मेडिकल अफसर डा. अरविंदर पाल सिंह गिल को सूचित किया। घटना की सूचना तुरंत थाना सिटी साउथ पु्लिस को दे दी गई। पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंच नशेड़ी से भविष्य में ऐसा करने की चेतावनी दी।
ओएसटीसेंटर में करवा रहे हैं 602 मरीज अपना इलाज : महिलास्टाफ नर्सों ने बताया कि ओएसटी सेंटर में 602 मरीज उपचार के लिए रजिस्टर्ड है। कोई मेल स्टाफ होने के कारण अधिकारियों के आदेशों पर यहां से कुछ मरीजों को लुधियाना रोड पर स्थित गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल में शिफ्ट कर दिया गया है ताकि कुछ लोग वहां से दवाई ले सके। इनमें से एक मरीज उसकी दवाई लेने के स्थान को शिफ्ट करने से नाराज था और उन्हें ओएसटी सेंटर से ही उसकी दवाई देने की जिद्द कर रहा था। स्टाफ ने बताया कि इसी युवक की ओर से पहले भी कई बार उनसे अभद्र व्यवहार करने समेत हंगामा खड़ा किया जा चुका है। स्टाफ ने बताया कि धमकियांे के चलते वह घर लौटते समय भी असुरिक्षत महसूस करती है। इसी कारण वह अपने पारिवारिक सदस्यों को घर ले जाने के लिए बुलाती है। जानकारी अनुसार महिला कर्मी इन नशेडिय़ों के डर से नौकरी तक छोड़ने को तैयार है। (संदीप शर्मा)
हालात का लेंगे जायजा
^कलवह निजी तौर पर सिविल अस्पताल में बने ओएसटी सेंटर में जाकर हालात का जायजा लेंगे और वहां तैनात महिला कर्मियों से बातचीत कर वहां सुरक्षा की व्यवस्था करवाई जाएगी ताकि महिला कर्मी बेखौफ हो ड्यूटी कर पाए। जसविंदरसिंह, थानाप्रभारी सिटी 2
जल्द करेंगे सुरक्षा व्यवस्था
^ओएसटीसेंटर में अक्सर होने वाली घटनाओं के चलते वह यहां सिक्योरिटी का प्रबंध करने के लिए पुलिस अफसरों को लिखित में सूचित करेंगे। ताकि यहां पर उपचार करवाने वाले नशेड़ी हंगामा खड़ा कर महिला कर्मियों से दुर्व्यवहार कर सके। डा.अरविंदर पाल गिल, एसएमओ
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