सेहत का संदेश नशेके विरोध में मैराथन
पहले भी लगाए गए हैं जागरुकता कैंप
चेयरमैनविजय मदान, प्रेम सिंगल, प्रवीन गर्ग, अश्वनी सिंगला ने बताया कि इससे पहले भी क्लब की ओर से नशों को रोकने के लिए स्कूलों कॉलेजों में जाकर जागरुकता कैंप लगाए गए हैं। खुशी की बात है कि सेमिनारों से प्रभावित होकर बहुत से युवाओं ने नशे को छोड़ा है।
येसदस्य भी मैराथन में रहे उपस्थित
रोट्रेक्टक्लब अध्यक्ष साहिल अरोड़ा, लायंस अध्यक्ष पवन ग्रोवर के अलावा राहुल गर्ग, अनुज गुप्ता, समीर जैन, हरीश मलिक, परविंदर कुमार, राघव सेठी, अभिषेक बांसल, सहित अलग अलग क्लबों के सदस्य उपस्थित थे।
नेचर पार्क से रोट्रेक्ट क्लब लायंस क्लब एक्टिव की मैराथन में क्लबों के सदस्य और शहर निवासी।
गलत संगत से फंस गया था
^जिद्दीस्वभाव का थ। माता-पिता की सुनता नहीं था तो गलत संगत में पड़कर चिट्टे की आदत पड़ गई। रिश्तेदारों ने नफरत करनी शुरू कर दी। समाज से कट गया तो मन में इसे छोड़ने का ख्याल आया। अर्जुनकुमार, मोगा।
बेटे का ख्याल आया तो छोड़ दिया नशा
^मैंपहले मेडिकल नशा करता था। फिर चिट्टे का आदी गया। मेरा एक 15 साल का बेटा है। मेरे मन में ख्याल आया यदि वो इस तरह करे तो मेरे मन को कितना दुख होगा। मैंने नशा छुड़ाने वाले केंद्र से संपर्क किया और नशे को सदा के लिए अलविदा कह दिया। लखविंदरसिंह, फिरोजपुर।
प्रतिदिन चिट्टे का हो गया था आदी
^मैंलकड़ी का काम करता हूं। गलत संगत के चलते मैं धीरे-धीरे चिट्टे नशे का आदी हो गया। मेरा काम छूट रहा था। माता-पिता परेशान रहते थे। इसके बाद मैं डी-एडिक्शन सेंटर की मदद से नशा छोड़ चुका हूं। अरविंदरसिंह, भिंडर खुर्द।