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विश्व का पहला श्रीयंत्र ध्यान मंदिर मलके में, नहीं होगी कोई भी मूर्ति

7 वर्ष पहले
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गांवमलके में श्रीयंत्र की संरचना का विश्व का पहला श्रीयंत्र ध्यान मंदिर बनकर तैयार हो गया है। विश्व में पहले एक जगह पर श्रीयंत्र की संरचना का मंदिर है, मगर उसमें मूर्ति स्थापना है। इस इकलौते मंदिर में विशेषतौर पर साढ़े पांच फीट का श्री यंत्र भी स्थापित किया जा रहा है। इस अद्भुत ध्यान मंदिर को 3 अक्टूबर को दशहरे के दिन आम जनता के लिए खोला जाएगा। इसके लिए यहां पर 40 दिन से प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है। 3 को यहां भव्य समागम करवाया जा रहा है, जिसमें पूरे देश से अलग अलग समुदाय के संत रहे हैं। यहां के साधक स्वामी सुरीएंद पुरी ने बताया कि ऐसा मंदिर कहीं पर भी नहीं है।

श्रीयंत्रकी संरचना में है सृष्टि की रचना का क्रम विवरण

स्वामीसुरीएंद पुरी बताते हैं कि श्रीयंत्र का विशेष महत्व है। जब शंकराचार्य जी ने सनातन धर्म का विस्तार किया तो चारों मठों में विशेषतौर पर श्रीयंत्र की स्थापना की थी। उनका कहना है कि इसकी संरचना में तीन अहम पड़ाव रचना क्रम, स्थिति क्रम और संहार क्रम हैं, जो मनुष्य को अपने जीवन संबंधी जांच सिखाते हैं। इसका विशेष महत्व सभी देव पुरानों में आता है। ध्यान मंदिर में विशेष तौर पर साढ़े पांच फीट का श्रीयंत्र स्थापित किया गया है। इसकी अपार शक्ति से यहां साधना करने वालों को कई रोगों से मुक्ति मिलेगी।

कईमाह तक साधना में विलीन रहते हैं महायोगी बुध पुरी

यहांके मुख्य साधक महायोगी स्वामी बुध पुरी कई-कई माह तक अपनी कुटिया में साधना में विलीन रहते हैं। कभी कभार होने वाले विशेष समारोह के दौरान ही

वह कुटिया से बाहर निकलते हैं और कभी 6 माह में एक बार भोजन का सेवन करते हैं। स्वामी सुरीएंद पुरी का कहना है कि 2005 के बाद महायोगी स्वामी बुध पुरी जी ने भोजन और जल त्यागा हुआ है, क्या कहना कभी एक दो बार भोजन आदि ग्रहण किया हो। वह साधना के बल पर ही जी रहे हैं।

जानकारी देते स्वामी सूरीएंद।

स्वामी सूरीएंद के अनुसार मंदिर के भीतर श्रीयंत्र के आसपास 48 गुफा बनी हैं और बाहर से चौरस दिखने वाले इस मंदिर के भीतर का हिस्सा गोल हैं। इन गुफा में 48 साधकों के साथ साथ 200 साधक साधना कर सकते हैं। उनका कहना है कि इस साधना मंदिर में देश से ही नहीं बल्कि विदेश से लोक आकर साधना करेंगे और यहां का शांत वातावरण साधना के अनुकूल है। उन्होंने बताया कि मंदिर को दिल्ली के आईसीसी बिल्डर ने