डॉ. आशुतोष ने दी गवाही
जिलाएवं सेशन जज की अदालत में ढाई साल से चल तेजाब कांड की सुनवाई के दौरान पीड़िता का इलाज करने वाले डॉक्टर ने वीरवार को उसके हक में गवाही दी। डॉक्टर ने बताया कि घटना के समय फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट सर्जरी डॉक्टर होने के कारण उन्होंने पीड़िता को डीएमसी रेफर किया था। पीड़िता की हालत काफी नाजुक थी। केस की अगली सुनवाई 25 फरवरी को है।
दूसरी ओर जिला फैमिली कोर्ट ने करीब एक महीने पहले पीड़िता के तलाक पर मुहर लगा दी है। अदालत ने तलाक देते समय टिप्पणी की है कि पीड़ित पर अमानवीय अत्याचार को देखते हुए यह फैसला दिया है। उल्लेखनीय है कि गांव दायाकलां निवासी मनदीप कौर का अपने पति हरिंदर सिंह गांव रसीन जिला लुधियाना के साथ अदालत में केस चल रहा था। इसी सिलसिले में वह 11 जुलाई 2013 को अपने पिता शमशेर सिंह के साथ स्कूटर से अदालत परिसर में जा रही थी कि रास्ते में तेजाब की बोतल उन पर फेंक दी थी। पुलिस ने पति हरिंदर सिंह, सास कर्मजीत कौर, ससुर परमजीत, मामा ससुर सुखविंदर, मामी सास सुखविंदर के अलावा पति के तीन दोस्तों दपिंदर सिंह, परवान जगा पर मामला दर्ज किया था। पीड़िता के वकील अमित घई ने बताया कि तलाक की तस्दीकशुदा कॉपी अदालत से आज ही उनको प्राप्त हुई है।
24 दिसबंर 2012
मनदीपकौर ने मोगा अदालत में याचिका लगाकर अपने पति से तलाक मांगा। उसके परिवाले उससे 10 लाख रुपए और एक बड़ी कार की मांग दहेज में कर रहे थे।
14जनवरी 2016
नईदिल्ली के अरुणा आसिफ अली सरकारी अस्पताल के रेजिडेंट सर्जन डॉ. गौरव शर्मा अदालत में गवाही देने पहुंचे थे। पहले वह लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में कार्यरत थे।
15जनवरी 2016
अदालतने केस की सुनवाई में कहा था कि मनदीप कौर पर उसके पति ने अमानवीय अत्याचार किया है। इसके चलते अदालत ने तलाक की मोहर लगाती है।