पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बार बार रिमांइडर, फिर भी एसएसपी दफ्तर से नहीं िमली पूरी रिपोर्ट: जोरा

बार-बार रिमांइडर, फिर भी एसएसपी दफ्तर से नहीं िमली पूरी रिपोर्ट: जोरा

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जस्टिसजोरा सिंह (सेवामुक्त) ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाऊस में मीडिया से बात करते बताया कि फरीदकोट में गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के बाद बहिबल कलां तथा कोटकपूरा में हुई घटनाओं के बाद सरकार ने उनके नेतृत्व में जांच कमिशन का गठन किया था। जांच कमिशन ने 24 नवंबर, 2015 को कार्रवाई शुरू की थी। 27 नवंबर को कमिशन ने एसएसपी फरीदकोट को इस केस की विस्तृत जानकारी देने को लिखा था। कमिशन ने 3-4 रिमांइडर देने के बावजूद अभी तक एसएसपी दफ्तर ने मुकम्मल जानकारी नहीं दी।

अन्यएसएसपी दफ्तरों से भी मांगी है जानकारी

इसदौरान वहां उपस्थित सेवामुक्त सेशन जज सेर सिंह ने बताया कि कमिशन ने अपने स्तर पर जानकारी जुटा कर मोगा, मानसा, फाजिल्का, फिरोजपुर, बठिंडा, मुक्तसर और लुधियाना के एसएसपी दफ्तर से जानकारी मांगी है। इसमें कोटकपूरा गोली कांड में उनके जिलों से कितनी पुलिस फोर्स घटनास्थल पर तैनात थी, उनको कौन-कौन से और कितने हथियार दिए थे। कितना गोली-बारूद दिया था। उन्होंने बाद में कितना गोली बारूद जिंदा और कितना खाली जमा कराया था।

इसकी जानकारी के लिए अपनी-अपनी लॉग बुक डीडीआर की फोटो प्रतियां पहुंचाए। ही फरीदकोट एसएसपी दफ्तर से यह जानकारी अभी तक कमिशन के पास आई है और ही इन जिलों से पूरी जानकारी मिल पाई है। उन्होंने कहा कि हमें पता चला है कि उस दिन पीएपी तथा आर्मड पुलिस फोर्स के जवान भी शामिल थे।

बयानदेने 20 िमनट लेट आए पूर्व एसएसपी

मीडियाके साथ रिटायर्ड जस्टिस जोरा सिंह बुधवार को मोगा के पूर्व एसएसपी चरनजीत शर्मा का इंतजार कर रहे थे। इस समय उन्होंने बताया कि मोगा के पूर्व एसएसपी चरनजीत शर्मा डीजीपी पंजाब के द्वारा समन भेजकर केस संबंधी हल्फिया बयान देने को बुलाया है। उन्होंने बयान दर्ज करा दिया है।

कोईभी दे सकता है सूचना

उन्होंनेमोगा के मौजूदा एसएसपी को रिकार्ड पेश करने को कहा है, जो अभी तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी रखने वाला कोई भी व्यक्ति मोगा फरीदकोट के जिलों में दौरे दौरान या कमिशन के चंडीगढ़ स्थित दफ्तर तीसरी मंजिल कमरा नंबर 323 मिनी सेक्रेटेरिएट, सेक्टर-9 चंडीगढ़ फोन 172- 2742357 पर या लिखत भेज सकता है।

20 जनवरी को भेजा अंतिम बार रिमाइंडर

रिटायर्डजस्टिस जोरा सिंह कमिशन ने मोगा एसएसपी दफ्तर को 10 दिसंबर, 2015 को पत्र लिखकर रिकार्ड की मांग की थी। 21 दिसंबर को रिमांइडर दिया गया। फिर 21 जनवरी, 2016 को तीसरी बार समयबद्ध रिमाइंडर दिया गया। 10 फरवरी बुधवार को कमिशन मोगा में पहुंच गया। पूरा रिकार्ड फिर भी कमिशन को प्राप्त नहीं हुआ।

खबरें और भी हैं...