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1.42 लाख के गबन के आरोप से आहत युवक ने की खुदकुशी की कोशिश

5 वर्ष पहले
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गांवघलकलां के निकट पेट्रोल पंप के मुलाजिम पर 1 लाख 42 हजार रुपए की हेराफेरी का आरोप लगने से आहत युवक ने बुधवार को शराब के साथ-साथ कीटनाशक दवा निगल ली, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। युवक को सरकारी अस्पताल से फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है। वहीं पंप मालिकों का कहना है कि 5 दिन पहले युवक के परिजनों, रिश्तेदारों और गांव की पंचायत को बुलाकर उसकी करतूत बताई थी। इस दौरान हुए लिखित समझौते के तहत एक सप्ताह में युवक को उनके एक लाख 42 हजार रुपए लौटाने थे।

गांव सदा सिंह वाला निवासी बूटा सिंह ने बताया कि 25 वर्षीय भतीजा तरलोक सिंह पुत्र मलकीत सिंह दो साल से गांव घलकलां के नजदीक स्थित बीपीसी कंपनी के पेट्रोल पंप पर काम करता था। वह पिछले कुछ दिनों से परेशान चला रहा था। 6 फरवरी को पंप मालिकों ने उनको बुलाया था। इस दौरान वह, उसका चाचा सुरजीत सिंह, फूफा तजिंदर सिंह, अवतार सिंह और गांव की पंचायत गई थी।

इस दौरान पंप मालिकों ने तरलोक सिंह पर आरोप लगाया था कि उसने करीब तीन महीने में पंप से एक लाख 42 हजार रुपए का गबन किया है। इस पर पंप मालिकों ने एक सप्ताह में रुपए नहीं देने पर पुलिस से उठवाकर रुपए वसूलने की बात कही थी।

इसके चलते बुधवार की सुबह जब वह घर पर अकेला था। उसने शराब के साथ साथ कीटनाशक दवा निगलकर आत्महत्या करने की कोशिश की। उसकी तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उसे मोगा के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया। आपातकाल विभाग के स्टाफ द्वारा तरलोक सिंह की हालत को देखते हुए उसे फरीदकोट रेफर कर दिया।

मामले की जांच के बाद करेंगे कार्रवाई

^पीडि़तपक्ष के बयान दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है। वहीं पंप मालिकों के पास रिकॉर्डिंग के अलावा तरलोक के परिजनों गांव वालों के लिखित कागज पड़ा है। इस पर उन्होंने रुपए देने माना है। जबकि पंप एसोसिएशन उनके पास बैठी है। मामले की गहनता से जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। जसविंदरसिंह, थाना सदर प्रभारी।

सुसाइड नोट में लिखा-6 महीने से नहीं दिया वेतन

तरलोकसिंह केरिश्तेदारों ने बताया कि उसने कीटनाशक निगलने से पहले सुसाइड नोट लिखाकर कहा है कि पंप मालिकों ने 6 महीने से उसे वेतन नहीं दिया है। उपर से 1 लाख 42 हजार रुपए के गबन का आरोप लगाया है। कुछ दिन पहले उसने अपनी बहन से 28 हजार रुपए लाकर दिया था। इसके बावजूद भी उससे 1 लाख 42 हजार रुपये और मांग रहे हैं। मैं पंप मालिकों से दुखी होकर आत्महत्या कर रहा हूं।

तरलोक कर रहा था हिसाब में गड़बड़ी

^तरलोकसिंह दो-तीन महीने से तेल के हिसाब में गड़बड़ी करके उनको सेल दे रहा था। 6 फरवरी को उन्होंने उसकी गड़बड़ी पकड़ने के बाद परिजनों, रिश्तेदारों और पंचायत को बुलाकर सारा हिसाब दिखाया था। इसके बाद लिखित में समझौता हुआ था कि तरलोक सिंह ने पंप पर एक लाख 42 हजार रुपये का गबन किया है। वह एक सप्ताह में उन्हें सारी राशि लौटा देगा। इसके साथ साथ वहां मौजूद लोगों के बीच लिखवाया गया कि वह तरलोक सिंह को उनके पंप से सही सलामत लेकर जा रहे हैं। इसके बाद अगर वह कुछ गलत करता है कि तो उसके लिए वह जिम्मेवार होगा। उस दिन के बाद उन्होंने तो उसे बुलाया, फोन किया तथा ही कभी उसके गांव गए। राजीवमितल उर्फ राजू, पंप मालिक।

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