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किसानों का आरोप, यूरिया खाद की ब्लैक का धंधा जोरो पर
यूरियाखाद की कमी को लेकर इन दिनों किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। यूरिया खाद समय पर मिलने के कारण किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित है वही यूरिया खाद की लगातार हो रही ब्लैक के चलते किसानों से खाद के ज्यादा पैसे वसूले जा रहे है, अधिकारी इसपर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुए हैं। अधिकारियों के ध्यान में यह मामला लाने के बावजूद भी इन पर कोई कार्रवाई क्यों नही हो रही है। किसानों का आरोप है कि विभाग की मिलीभगत से ही ब्लैक का धंधा जोरो से चल रहा है, वही राज्य सरकार भी किसान हितैषी होने का ढोंग कर रही है।
रेस्ट हाउस के सामने डिपो होलडर से यूरिया खाद खरीद रहे किसान लखविंदर सिंह गांव कुलियां, जरनैल सिंह निवासी गांव हिमतपुर, राजिंद्र सिंह गांव सलारिया खुर्द, कुलदीप सिंह गांव शेरपुर ने कहा कि यूरिया खाद को लेकर रोजाना धक्के खाने को मजबूर है। वहीं दुकानदार 280 में मिलने वाला यूरिया का बैग 300 रुपए बैग के हिसाब से दे रहा है उन्होंने कहा कि बैग चाहे 350 में मिले लेकिन खाद जरूर मिलनी चाहिए।
विभाग के एडीओ डॉ. अजर सिंह से बात कि तो उन्होने माना कि यूरिया खाद को लेकर किसानों को दिक्कत पेश रही है। उन्होने कहा कि इस बार गांव की सोसायटियों के पास यूरिया खाद कम मात्रा में पहुंची है, वहीं डिपू होल्डरों के पास खाद रही है। जब उनसे पूछा कि डिपो होल्डर यूरिया खाद 300 का बैग दे रहे हैं तो उन्होंने कहा कि यूरिया की कीमत लाट के हिसाब से होती है वैसे रेट 290 रुपए है, यदि 300 में मिल रही है तो भी ठीक ही है। किसानों से इससे ज्यादा पैसे वसूल किए जाते है तो विभाग डिपो होल्डर के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
यूरिया खाद को लेकर किसान हाथों में पैसे लेकर डिपू होल्डर से बात करते हुए।