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विनोद साबी दो वार्डों में बतौर आजाद चुनाव मैदान में उतरे

6 वर्ष पहले
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नगरकौंसिल चुनावों में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरुणेश शाकर के साथ भाजपा में अपना कैरियर शुरू करने वाले विनोद कुमार साबी दो वार्डों में बतौर आजाद चुनाव मैदान में उतर चुके है। अरुणेश शाकर और विनोद साबी ने 1992 में पार्षद का चुनाव लड़कर राजनीति में शुरुआत की थी। शाकर विधानसभा की टिकट मिलने के बाद विधायक बन गए थे लेकिन साबी लगातार चार बार पार्षद का चुनाव जीते। उनको भी राजनीति में गहरा अनुभव है, वहीं विनोद कुमार साबी जिसकी शहरी इलाके में अच्छी पैठ मानी जाती है।

इस बार पार्टी खासकर पूर्व कैबिनेट मंत्री अरुणेश शाकर से मनमुटाव के चलते पार्टी लाइन से हटकर आजाद चुनाव लड़ रहे है। वो भी दो वार्ड़ों में जिससे पहले भी वह 2003 में दो वार्ड़ों से चुनाव जीत चुके है। जिसमें एक वार्ड़ पर उन्होने खुद चुनाव लड़ा था वही दूसरे वार्ड में अपनी भाभी रेणुवाला को चुनाव जितवाया था। इस बार भी दोनों बतौर आजाद चुनाव मैदान में उतर रहे है। वही अंदर खाते कांग्रेस पार्टी भी विनोद साबी की मद्द की तैयारी में है और कांग्रेस अपनी नईयां साबी के सहारे पार लगाने के मूड में है।

वार्ड नंबर आठ में रणजोध सिंह कूक्कू के बतौर आजाद चुनाव में उतरने से मुकाबले रोचक हो गया। भाजपा से दविंद्र कुमार राम मैदान में है। केवल नाम की घोषणा होनी बाकी है। वही कूक्कू के आजाद चुनाव मैदान में उतरने से एक बार फिर से अकालियों की फूट सामने चुकी है।

यूथ अकाली दल के नेता और चेयरमैन सर्वजोत सिंह साबी रणजोध सिंह को वार्ड नंवर 11 से चुनाव में उतारना चाहते थे लेकिन अकाली दल का दूसरा दड़ा जिसमें एसजीपीसी सदस्य रविंद्र सिंह चक्क रणजोत सिंह के हक में नही थे, जिससे की रणजोध सिंह कूक्कू अब अकाली दल से खफा होकर वार्ड नंबर आठ में बतौर आजाद मैदान में उतर चुके है। इससे पहले भी रणजोध सिंह कूक्कू 2003 में पार्षद रह चुके है वही दूसरी तरफ कांग्रेस के कई दिग्गज नेता रणजोध सिंह कुक्कू के साथ देते नजर रहे है।