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सड़कें टूटी, घरों में रहा गंदा पानी

7 वर्ष पहले
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वाॅर्ड-17से1992 से लगातार एक ही कैंडीडेट जीतते रहा है। बावजूद आज भी वाॅर्ड की सड़कें टूटी हैं। स्ट्रीट लाइट्स बंद हैं। घरों में पीने का पानी गंदा रहा है। यहां के लोगों को बंदरों के खौफ में जीवन गुजारना पड़ रहा है। नालियां जाम रहती हैं। पुरानी नाभी में एक एलिमेंटरी स्कूल है जहां हमेशा गंदी के ढेर लगे रहते हैं। लोग खुद पैसे जमा कर सफाई करा रहे हैं। लोगों को खुद भी सफाई करनी पड़ती है।

इस समस्या की शिकायत कौंसलर, ईओ और एसडीएम तक से की, लेकिन स्थाई हल कुछ नहीं निकाला। लोगों में रोष है। उन्होंने कहा कि इस बार कौंसलर का बायकाट करेंगे और नए कैंडीडेट को ही वोट देंगे। वाॅर्ड में 2100 के करीब वोटर हैं। वाॅर्ड में बैंक स्ट्रीट, नई बस्ती, पुरानी नाभी, मलेरिया स्ट्रीट, पाठका स्ट्रीट, डकौता स्ट्रीट, हाथी खाने का कुछ भाग शामिल है। लोगों ने डेवलपमेंट कराने की अपील की।

शिकायत के बावजूद कुछ नहीं हुआ

^साबकायूथ कांग्रेस के प्रधान अमनदीप गोशू ने कहा की लंबे समय से यहां बंदरों का आतंक है। नालों की समस्या अलग है। सभी जगहों के नाले जाम हैं। लिखित शिकायत नगर कौंसिल के अफसरों से की, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला। समस्याएं जस की तस बनी हैं।

नालों में प्लास्टिक फेंके

^वाॅर्डके कुछ भागों में इंटर लाॅकिंग सड़कें बनवाई है। सरकारी और गैर सरकारी स्कीमें लोगों तक पहुंचाई है। कुछ जगहों पर नाली जाम की समस्या है। लोगों से अपील है कि प्लास्टिक की थैली नाले में फेंके। बंदरों को पकड़ने के लिए जंगलात महकमे के अफसरों बात की गई है। जल्द ही कार्रवाई होगी। -अमरदीपखन्ना, कौंसलरवार्ड-17

वॉर्ड-17 के लाेग नाले में फंसी गंदगी को दिखाते हुए। लोगों ने आरोप लगाए कि खुद पैसे जमा कर सफाई करानी पड़ रही है।

आवारा पशुओं का है आतंक, हादसे हो चुके

^द्वारका दास पंडित ने बताया कि यहां आवारा पशु हर समय घूमते नजर आएंगे। मुहल्ले में साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जहां मोदी सरकार ने देश में सफाई अभियान चला रखा है। वहीं, नाभा में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। चुनाव के बाद कौंसलर दिखा ही नहीं।

दिलासे से कुछ नहीं होगा, डेवलपमेंट हो

^राकेशकुमार पप्पू ने कहा कि वॉर्ड से एक ही कैंडीडेट बार-बार जीत रहा है। बावजूद काम नहीं करा रहा है। इस बार उसे वोट नहीं देंगे। मोहल्ले की समस्या को लेकर जाने पर वह मुस्करा कर कहत