भट्ठा मजदूरों को उनके हक दिलाने के लिए बलदेव भारती चार साल बने रहे पथेर
गणतंत्रदिवस के अवसर पर स्टेट अवार्ड से सम्मानित हुए राहों नगर कौंसिल के उप-प्रधान बलदेव भारती पहले एक पथेर (भट्ठों पर ईंटें बनाने वाले) हुआ करते थे, उन्होंने 1999 से 2003 तक पथेर का काम किया मगर अब वे पथेर और अन्य मजदूरों की भलाई के लिए काम करते हैं। मजदूर वर्ग की भलाई के लिए किए गए कार्यों के लिए ही उन्हें डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने बठिंडा में आयोजित समारोह में यह सम्मान दिया है। इसके बाद उन्होंने मजदूरों की भलाई के लिए सोशल वेलफेयर वरशिप सोसायटी, ट्रेड यूनियन नेशनल लेबर आर्गेनाइजेशन और लेबर हेल्पलाइन बनाकर केवल मजदूरों को उनके हकों की जानकारी दी बल्कि उन्होंने मजदूर वर्ग की भलाई योजनाओं के तहत लाखों रुपए भी मजदूरों को दिलाए हैं।
भारती बताते हैं कि बचपन में उन्होंने भारत र| बाबा साहिब डॉ. अंबेदकर के बचपन के जीवन के संबंध में एक लेख पढ़ा था। वह लेख ही उनके लिए मजदूर वर्ग की सेवा के लिए प्रेरणा बना। पिता खेत मजदूरी, निर्माण कार्य से संबंधित मजदूरी किया करते थे, इसलिए वे मजदूर वर्ग की समस्याओं को जानते थे। पढ़ाई के दौरान ही बाबा साहिब के जीवन से संबंधित कई रचनाएं पढ़ डाली थीं। इसके बाद उन्हें कुछ ईंट भट्ठों पर मजदूरों के साथ हो रहे शोषण के बारे में पता चला इसलिए उन्होंने वर्ष 1999 से वर्ष 2003 तक ईंट भट्ठे पर पथेर (मिट्टी से कच्ची ईंट बनाने वाले) काम किया, ताकि वे भट्ठा मजदूरों के हो रहे शोषण को नजदीकी से जान सकें। इस दौरान सर्वे करके एक रिपोर्ट तैयार की, जिसके नतीजे चौंकाने वाले थे। भट्ठा मजदूर 24 घंटे के मजदूर बनाए जा रहे थे, मजदूर को दिन भर मिट्टी से मिट्टी होकर मेहनत करने के बावजूद औसतन मजदूरी 20 से 40 रुपए की ही मिलती थी। इसके बाद उन्होंने मजदूर वर्ग की भलाई के लिए सरकार की योजनाओं का पता लगाना शुरू किया। इस कार्य में उन्हें आरटीआई से मदद मिली। सरकारी योजनाएं जो मजदूरों के लिए बनी थीं, से उन्होंने जिला एसबीएस नगर, होशियारपुर, कपूरथला से संबंधित करीब 27 हजार मजदूरों की रजिस्ट्रेशन करवाई। यही नहीं मजदूरों से संबंधित भलाई योजनाओं के तहत लाखों रुपए मजदूरों को दिलाने में भारती की विशेष भूमिका रही है। इसके साथ-साथ मजदूरों के बच्चों को भलाई योजना के तहत पढ़ाई-वजीफा भी दिलाया।
बलदेव भारती ने बताया कि संस्था मजदूरों को जागरूक करने के साथ समाजसेवी कार्य भी करती है। भारती संगठनों के जरिए सोसायटी इसके तहत रक्तदान, पेड़ लगाना, लोगों को शरीर दान और अंगदान आदि के लिए प्रेरित करने के लिए कैंप लगवाए जाते हैं। यही नहीं प्रशासन के साथ मिल कर बाल मजदूरों को छुड़वाने के लिए समय-समय पर चलाई जाने वाली मुहिम में भाग लेकर बाल और बंधुआ मजदूरों को छुड़ाने में भी संस्था द्वारा अहम भूमिका अदा की जाती है।
भारती बताते हैं कि मजदूरों की भलाई के लिए संगठन बना कर उन्होंने मजदूरों को एक मंच के नीचे इकट्ठा किया और उनको उनके हक दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी है। इसके अलावा अब वह हफ्ते के हरेक रविवार को अपने राहों में स्थित दफ्तर और शनिवार को जालंधर के गांव गोराया में भी कैंप लगवाते हैं। जहां मजदूर अपने रजिस्ट्रेशन फार्म जमा करवाते हैं और सरकार की भलाई योजनाओं की जानकारी प्रप्त करते हैं।
बठिंडा में गणतंत्र दिवस के मौके समारोह में डिप्टी सीएम से अवार्ड प्राप्त करते बलदेव भारती। (फाइल फोटो)