माएं नी धीआं झिड़कां खाण नूं जम्मीयां... ने किया भावुक
नजदीकीगांवसनावा में पं. कर्मचंद कुटिया माता दुर्गा की याद में धार्मिक समारोह करवाया गया, जिसमें भारी संख्या में संगत हाजिर हुई। मेले में मुख्य मेहमान खेती विकास अफसर चमन लाल रहे।
श्री रामायण जी के पाठ के भोग उपरांत धार्मिक समारोह शुरू हुआ। जिसमें गायक सतनाम आलम बीबा मनजीत आलम, हरदेव चाहल ने गुरु नानक भी मेरा इह रविदास भी मेरा.. चुन्नी सिर ते लैला सुन भैने अणख पंजाब दीए.. तथा प्रसिद्घ गायक पाली देतावालिया ने वीर मेरे रैहण वसदे.., जो सेवा करदे संगत दी.. माएं नी धीआं झिडक़ां खान नूं जम्मीयां.. गीत जब सुनाया तो लोगों की आंखे नम हो गई।
इन गीतों के माध्यम से उन्होंने आदि गाकर समाज को नई दिशा दी। मुख्य मेहमान चमन लाल ने कहा कि पाली देतवालिया ने जो भी गाया उसमें से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। आज समाज को सही दिशा देने वाले गीत समय की प्रमुख जरूरत है। आज दूसरे कलाकारों को भी ऐसे गीत गाने चाहिए। मंच संचालन सोनी सरोया ने अदा किया।
प्रबंधकों की ओर से मुख्य मेहमान कलाकारों को सम्मानित किया गया। मौके पर दिलवार सिंह काका, जुझार सिंह, पाखर सिंह जौहल, कशमीर सिंह जौहल, अश्वनी राणा, प्रदीप राणा, बलवीर कौर, गुरविंदर सिंह जौहल, दिलबाग सिंह, सतनाम सिंह सत्ती, रविंदर सिंह, कमलजीत सिंह, जोगा सिंह मनदीप सिंह सैंभी, जतिंदर सिंह लाली, रछपाल सिंह सोढी, नाजर सिंह, अमरीक, सुरिंदर कौर, लुकेश कुमार आदि हाजिर रहे।
कलाकारों को सम्मानित करते हुए प्रबंधक। -भास्कर