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डंप की अधूरी चारदीवारी से नगर कौंसिल प्रशासन के प्रति रोष
मूसापुररोड पर स्थित कूड़े के डंप वाले स्थान पर चारदीवारी के अधूरे निर्माण कार्य से संत नगर, त्रिवेणी मोहल्ला, नवीं आबादी अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में नगर कौंसिल के प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि प्रशासन से डंप वाले स्थान के चारों तरफ चारदीवारी बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। निमार्ण कार्य शुरू तो करवाया गया था, लेकिन पूरा नहीं करवाया गया। इसी मार्ग से डीएवी स्कूल के बच्चों होकर गुजरते हैं। लोगों का कहना है कि दीवार को शीघ्र बनाया जाए, क्योकि बरसात के मौसम में यही कचरा पानी के साथ बह कर सडक़ के बीच जमा हो जाता है। जिससे फिसलन जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। जिससे मार्ग से गुजरने वाले लोगों को दिकक्त पेश आती है। लोगों के अनुसार संत नगर, त्रिवेणी मोहल्ला नवीं आबादी तक कूड़े के डम्प वाले स्थान तक हवा चलने से सारे क्षेत्र में बदबू फैल जाती है। कभी-कभी गर्मीयों के मौसम में खुद आग लग जाती है। आग को बुझाने में दमकल कर्मचारियों को एक-दो दिन लग जाते हैं, मगर इस सब के बावजूद प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहा है।
मूसापुर मार्ग पर स्थित डीएवी स्कूल के प्रिंसीपल रविंदर भास्कर का कहना है कि की इस सोलिड बेस्ट की समस्या को प्रशासनिक अधिकारीयों के ध्यान में लाया गया है मगर हल आज तक नहीं हो पाया। संत नगर के पाखर राम, सोम नाथ, अशोक कुमार, गुरप्रीत सिंह, बुध सिंह, विक्रमजीत सिंह, तेजिंदर सिंह आदि ने कहा कि सरकार के पास लोगों की भलाई के लिए पैसा नहीं तो काम कैसे चलेगा। जबकि इस प्रकार के कार्य को पहल के आधार पर पूरा करवाया जाना था, मगर आधे-अधूरे निर्माणकार्य के कारण संत नगर में रहने वाले करीब 35-40 घरों के लोग परेशानी झेलने के लिए मजबूर हो रहे हैं, क्योंकि उनके लिए आने-जाने के लिए एकमात्र यही मार्ग है। दो वर्ष पहले से निर्माणकार्य करवाने की मांग के बाद काम शुरु हुआ तो उन्हें खुशी थी और उन्हें पेश रहीं समस्याएं का हल हो जाएगी, लेकिन काम अधूरा छोडऩे के बाद दोबारा डम्प की चार दीवारी का निर्माण करवाने के लिए इंतजार हो रहा है। एक काम को तीन-तीन बार शुरू करने के बाद भी पूरा नहीं किया जा सका। दीवार होने के कारण सोलीड बेस्ट वाले स्थान के बाहर इर्द-गिर्द कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा है।
^पंप से लेकर डीएवी स्कूल तक सडक़ का