पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पंजाब सरकार के काले कानूनों के खिलाफ मोर्चा ने निकाला मशाल मार्च

पंजाब सरकार के काले कानूनों के खिलाफ मोर्चा ने निकाला मशाल मार्च

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सार्वजनिकसंगठनोंपर आधारित काले कानून विरोधी सांझा मोर्चा की ओर से शनिवार को शाम के समय बारांदरी गार्डन से काले कानूनों के खिलाफ मशाल मार्च निकाला गया। पंजाब सरकार की ओर से 22 जुलाई 2014 से पंजाब विधानसभा में पंजाब सरकार तथा निजी संपत्ति नुकसान रोकू बिल 2014 को पास किए जाने के खिलाफ मशाल मार्च की समाप्ति गुरु तेग बहादुर नगर में हुई।

इस दौरान इफ्टू के प्रदेशाध्यक्ष कुलविंदर सिंह बड़ैच, जमहूरी अधिकार सभा के प्रदेश कमेटी सदस्य जसवीर दीप, पंजाब निर्माण मजदूर यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सरूप सिंह राहों तथा देहाती मजदूर सभा पंजाब के नेता सोहन सिंह ने कहा कि यह कानून गैर लोकतांत्रिक है। इससे पहले 2010 में भी बादल सरकार ने गैर जमहूरी बिल पंजाब जनतक निजी संपत्ति नुकसान रोकू बिल 2010 पंजाब विशेष सुरक्षा बिल 2010 पास किए थे, जिनको पंजाब के जमहूरी लोगों की एकता संगठन के संघर्ष के आगे झुककर वापस ले लिया गया था। उन्होंने कहा कि बिल 2014 लोगों को अपनी आवाज बुलंद करने संघर्ष करने पर मुकम्मल रोक लगाता है और लोगों की आवाज बंद करने के लिए लंबी सजाओं का प्रावधान करता है। केंद्र की मोदी सरकार स्टेट की बादल सरकार देश में मल्टीनैशनल कंपनियों के लिए दरवाजे खोल रही हैं। देश में सरकारी नौकरियों पर पाबंदी लगा कर लोगों की लूट के लिए रास्ता खोल रही हैं, लोग अपने हकों के लिए सडक़ों पर आएं, उन्हें रोकने के लिए 2014 बिल बनाया गया, जिसे पंजाब के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर स्त्री जागृति मंच की प्रदेशाध्यक्ष बीबी गुरबख्श कौर संघा ने पंजाब सरकार के खिलाफ सभी को आवाज बुलंद करने पर बल दिया।

मशाल मार्च के दौरान देहाती मजदूर सभा के नेता सतनाम सिंह गुलाटी, जसपाल कुलाम, जमहूरी किसान सभा के नेता जरनैल सिंह जाफरपुर, किरती किसान यूनियन के जिला प्रधान सुरिंदर सिंह बैंस, देहाती मजदूर सभा के नेता हरपाल सिंह जगतपुर, पेंडू मजदूर यूनियन के नेता कमलजी सणावा, डीटीएफ के जिला प्रधान बलवीर सिंह, महांवीर तथा किशोर कुमार, बलजीत सिंह, सतनाम सिंह सुज्जों, रोहित कुमार बछौड़ी, इकबाल सिंह ने भी संबोधित किया।