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गौशाला का गोबर फेंका जा रहा था सीवरेज में, एसडीएम ने रुकवाया

7 वर्ष पहले
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मूसापुरमार्ग पर स्थित मोहल्ला नवीं आबादी के लोगों ने गौशाला से निकलने वाले गोबर अन्य गंदगी सीवरेज में डाले जाने को गलत ठहरा कर इसे रोकने की मांग को लेकर डीसी आनंदिता मित्रा को एक ज्ञापन सौंपा।

इसका संज्ञान लेते हुए बाद दोपहर करीब 2 बजे एसडीएम जीवन जगजोत ने मौके का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मोहल्ला निवासियों से बातचीत करके उनकी समस्याएं भी सुनी और मोहल्ले में चल रही सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने मौके का दौरा करके जांच की है, जबकि इस मामले की विस्तृत जांच के लिए नगर परिषद अफसरों को कहा गया है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल काम रुकवाया दिया गया है। इस मौके पर उनके साथ ईओ गुरबखशीश सिंह भी मौजूद रहे। मामले के संबंध में जानकारी देते हुए आरके मान, सरबजीत सिंह, जगजीत सिंह, राजवीर सिंह आदि ने बताया कि गउशाला कमेटी की ओर से गउशाला से निकलने वाले गोबर, मल-मूत्र आदि नगर कौंसिल की ओर से बिछाए गए सीवरेज में ही डाला जा रहा है, जिस वजह से सीवरेज ब्लाकेज जैसी समस्या पैदा हो जाती है। यहां हालात यह हैं कि मूसापुर रोड़ शहर के सीवरेज से लैवल के मुकाबले कुछ नीचे है, जिसके चलते सीवरेज का पानी सही रूप से मेन सीवरेज जो रेलवे लाईन से पार है की तरफ नहीं जा पाता। ऐसे में गोबर की वजह से सीवरेज बंद होने की संभावना बनी रहती है।

इससे मोहल्ले के साथ साथ पूरे शहर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस मौके पर गुरदेव सिंह, कंवलजीत कौर, गुरदेव सिंह, गुरदीप सिंह, अजीत राम सहित अन्य मोहल्ला वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सीवरेज में सीधे तौर पर डाले जा रहे गोबर की वजह से संभावी परेशानी को देखते हुए सीवरेज में गोबर डालने के काम को बंद करवाया जाए।

नवांशहर। श्रीबांके बिहारी गौशाला के अध्यक्ष आरसी सरीन कोषाध्यक्ष गोपाल मोहन शारदा का कहना है कि गौशाला प्रबंधक कमेटी की ओर से गौशाला के गोबर मल मूत्र के लिए गोशाला में ही प्रबंध किया गया है। जिसके चलते यह बात गलत है कि गौशाला का गोबर मल मूत्र सीवरेज में डाला जा रहा है। हालांकि गौशाला में बारिश के दौरान इकट्ठा हुए बरसाती पानी की निकासी के लिए कमेटी ने जिला प्रशासन से नाली को सीवरेज से जोड़ने की मांग की थी। अगर बरसाती पानी नहीं निकलता तो गोशाला में परेशानी पैदा हो सक