पैनकार्ड की अनिवार्यता पर सर्राफा बाजार बंद
दोलाखसे अधिक के गहनों की खरीद पर पैन कार्ड जरूरी करने के सरकार के फैसले के विरोध में शहर के सर्राफा कारोबारियों ने दुकानें बंद रखीं। सर्राफा कारोबारियों ने सरकार के इस फैसले को कारोबार खत्म करने वाला बताया। उन्होंने सरकार से तुरंत इस फैसले को वापस लेने के िलए कहा।
इसके साथ ही कहा कि अगर इसे वापस लिया तो वह तीखा संघर्ष छेड़ेंगे। स्वर्णकार भवन में ज्वेलर्स एसोसिएशन की बैठक में जिला प्रधान गुरजीत सिंह ने कहा कि दो लाख से ज्यादा की खरीद पर पैनकार्ड की शर्त सरासर गलत है। सोने चांदी के भाव को देखते हुए दो लाख की खरीदारी कोई मायने नहीं रखती। उन्होंने बताया कि जिले में ज्वेलर्स की 100 के करीब दुकानें हैं। ऐसे फैसले से कारोबारी बेरोजगार हो जाएंगे। बैठक में विनोद कुमार, अक्षय कंडा, साधू राम , बलवंत राय सराफ, नरेश कुमार बगा, रजनीश जैन, मिंटा, अशोक वर्मा, मनोज कुमार लाडी, मनीष कुमार, राज कुमार धीर, बलजीत सुदेड़ा, बृज भूषण बगा, रोहित जैन, अनिल जैन मौजूद रहे।
बैठक के बाद नवांशहर के ज्वैलर्स ने पैन कार्ड की अनिवार्यता के विरोध में सरकार के फैसले को लेकर एकजुटता दिखाई आैर कहा कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो ज्वैलर्स एसोसिएशन तीखा संघर्ष करेगी। -भास्कर
एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि नवांशहर में अधिकतम व्यापार देहाती इलाकों से जुड़ा है और खेतीबाड़ी से जुड़े होने के कारण लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होता। सोना आैर गहने महंगे होने के कारण बहुत छोटी सी खरीददारी पर ही पेमेंट दो लाख तक पहुंच जाती है। इसलिए फैसले के विरोध में देशभर में ज्वेलर्स आैर इस व्यापार से जुड़े सभी छोटे-बड़े व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं।