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डीसी ऑफिस जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने गेट पर ही रोका, नारेबाजी

7 वर्ष पहले
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किसानोंकी मांगों को लेकर सोमवार को कांग्रेस के किसान खेत मजदूर सैल की विद्यावती भवन में बैठक हुई। इसमें तमाम कांग्रेसी नेताओं ने अकाली-भाजपा सरकार को जमकर कोसा। बैठक के बाद सभी कांग्रेसी एक रोष मार्च की शक्ल में डीसी दफ्तर की ओर चल पड़े। वहां पहुंचने पर सुरक्षा मुलाजिमों ने उन्हें डीसी दफ्तर में दाखिल नहीं होने दिया।

इसके बाद कांग्रेसियों ने वहीं पर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में 11 कांग्रेसी नेताओं को ज्ञापन के साथ अंदर जाने दिया गया। विद्यावती भवन में कांग्रेस की बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी परमजीत सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाब सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण प्रदेश के किसान की आर्थिक हालत दिन दिन खराब होती जा रही है। इसी कारण किसान आत्महत्याओं को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों के वक्त अकाली-भाजपा सरकार केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद ग्रांटों पैकेजों को लाने की बात कर रही थी, लेकिन आज केंद्र सरकार को बने हुए पांच महीने हो चले हैं, लेकिन पंजाब को कोई पैकेज नहीं मिलता दिख रहा। उन्होंने सरकार के समक्ष किसानों की 24 मांगें उठाईं तथा इनके जल्द समाधान की मांग की। मौके पर कांग्रेस नेता जसवंत भारटा, चौधरी हरबंस लाल, चेतराम रतन, रजिंदर चोपड़ा, सतीश राणा, विक्की चौधरी, प्रितापाल सिंह भारटा, मास्टर हेमराज, महिंदर सिंह, गुरदेव कौर, मंजीत कौर आदि उपस्थित थीं।

िकसानों की मांगों को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेता

डीसी दफ्तर के गेट के बाहर खड़े कांग्रेसी अंदर आने की कोशिश करते हुए।

नवांशहर। विद्यावतीभवन से जैसे ही कांग्रेसी नेता बैठक खत्म कर डीसी दफ्तर की ओर बढ़े, तो एसएचओ राज कुमार पुलिस बल के साथ उनके साथ साथ चलते रहे। लेकिन कचहरी कांप्लेक्स के डीसी दफ्तर वाले हिस्से में कांग्रेसी अभी पहुंचे ही थे, कि सुरक्षा मुलाजिमों ने गेट बंद कर दिया। इस पर कांग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने सिर्फ पांच लोगों को मांग पत्र के साथ अंदर जाने के लिए कहा। आखिर में पुलिस ने मामला बढ़ता देख दस-बारह कांग्रेसियों को अंदर जाने की इज्जाजत दे दी, जो मांग पत्र दे आए।

1. सूखे के कारण खराब हुई फसल के लिए 5 हजार प्रति एकड़ मुआवजा। 2. बे-मौसमी बारिश से खराब हुए कपास बासमती आदि के लिए 25 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा। 3. धान में नमी की मात्रा की लिमिट