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उम्मीदवारों के चयन में करीहा गुट की चली, बाकी नाराज

6 वर्ष पहले
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नगरकौंसिलचुनाव से पहले ही अकाली दल में घमासान शुरू हो गया। हलका इंचार्ज सतिंदर कौर करीहा, जिला प्रधान राम सिंह दुधाला और एसजीपीसी मेंबर गुरबख्श सिंह खालसा ने सोमवार को जैसे ही उम्मीदवारों की सूची जारी की तो उसके विरोध में कई नेता खड़े हो गए। उम्मीदवारों के चयन में करीहा गुट की चली। मक्खन-हरप्रभ गुट का साथ देने दुग्गल-वालिया भी पहुंचे।

अकाली दल और भाजपा के नेताओं ने करियाम रोड पर मक्खन सिंह ग्रेवाल की दुकान पर बैठक की, जिसमें पार्टी नेता मनजिंदर वालिया, शंकर दुग्गल, जगजीत सिंह लाली, हरप्रभ महिल सिंह बरनाला ने कहा कि हलका इंचार्ज सतिंदर कौर करीहा और एसजीपीसी मेंबर गुरबख्श सिंह खालसा ने उनसे किसी तरह का सलाह मशविरा नहीं किया। हरप्रभ महिल सिंह बरनाला ने कहा कि उनके वार्ड से हलका इंचार्ज और एसजीपीसी मेंबर ने जिसे अकाली प्रत्याशी बनाया है, वह उस वार्ड में रहता तक नहीं। उन्होंने कहा वह उसी वार्ड के रहने वाले हैं और नए बने वार्ड में उनके गांव की करीब 300 वोट आई हैं। वह अपने गांव के सरपंच रह चुके हैं और वह मजबूत दावेदार बन सकते थे। लेकिन कुछ लोगों ने अपनी मनमर्जी की है।

नेताओं से सलाह करनी चाहिए थी : वालिया

आढ़तीएसोसिएशन के प्रधान मनजिंदर वालिया ने कहा कि अकाली दल को जीतने के लिए तन मन धन से वचनबद्ध हैं लेकिन प्रत्याशियों की घोषणा करने से पहले हलका इंचार्ज और एसजीपीसी मेंबर को पार्टी के वर्करों नेताओं से भी सलाह करनी चाहिए थी। वालिया ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ कौंसिल चुनावों के लिए बैठक बुलाई थी और इस बात का हलका इंचार्ज एसजीपीसी मेंबर को जब पता चला तो उन्होंने तुरंत प्रेस कांफ्रैंस करके प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। प्रत्याशियों की इतनी जल्दी घोषण हलका इंचार्ज और एसजीपीसी मेंबर ने क्यों की, यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए नहीं बल्कि जीतने के लिए लड़े जाते हैं। इस मौके पर शंकर दुग्गल, हर्ष सरीन, सेठ जगजीत सिंह लाली, मक्खन सिंह ग्रेवाल, संजीव शर्मा बल्लू, भारती आंगरा, राजू आनंदर, लाडी भुच्चर, सुनील मैहन, हरमिंदर सिंह एचएच, अनिल कोतवाल, अश्विनी बल्लगन, बहादुर चंद अरोड़ा सहित तीन दर्जन नेता और वर्कर भी मौजूद थे।

कमी दूर करने को हाईकमान बुला लेंगे : दुधाला

अकालीदल के जिला प्रधान बाबा राम सिंह दुधाला ने इस मामले में शोर मचता देख सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हलका इंचार्ज सतिंदर कौर करीहा और एसजीपीसी मेंबर गुरबख्श सिंह खालसा की सहमति से उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हुई है। अब अगर कहीं कोई कमी पेशी रह गई होगी तो उसे हाईकमान की सहमति से दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैसे वे अभी अजीत सिंह कोहाड़ से भी बात करेंगे। अगर किसी उम्मीदवार को बदलने की जरूरत पड़ी तो बदल भी देंगे।

अकाली-भाजपा नेता साथ देंगे तभी लड़ूंगा बल्लू से : भारती आंगरा

कांग्रेसके वार्ड आठ से उम्मीदवार ललित मोहन पाठक बल्लू के खिलाफ भाजपा की निशान पर चुनाव लड़ने जा रहे अकाली नेता भारती अंागरा भी दानामंडी में हुई बैठक में शामिल हुए। बैठक में उन्होंने अकाली-भाजपा पर बल्लू का समर्थन करने का आरोप लगा कर कहा कि वह बलि का बकरा नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा को बल्लू के खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं मिल रहा और अब उन्हें आगे करके नेता अपनी जान बचाने लग पड़े हैं। उन्होंने कहा उन्हें भाजपा नेता बल्लू के खिलाफ लड़ने के लिए कह रहे हैं लेकिन वह तब तक चुनाव नहीं लड़ेंगे, जब तक भाजपा अकाली दल के सभी नेता उनके साथ बल्लू के वार्ड में प्रचार करने नहीं जाते। उन्होंने कहा पिछली बार अश्विनी बल्लगन के साथ कोई भी नेता बल्लू के वार्ड में वोट मांगने नहीं गया था और उन्हें बल्लू के मुकाबले बहुत कम वोट मिले थे।

हलका इंचार्ज ने कहा कि जो भी प्रत्याशी उतारे गए हैं, वह सभी की सहमति से उतारे गए हैं। एसजीपीसी मेंबर गुरबख्श खालसा ने कहा कि उन्हें किसी भी बैठक में जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जो भी फैसला लिया गया है, वह हलका इंचार्ज सतिंदर कौर करीहा और जिला प्रधान राम सिंह दुधाला की सहमति से हुआ है।

अंदर की बात

अकालीदल में आक्रोश की वजह असल में प्रधानगी की लड़ाई है क्योंकि गुरबख्श सिंह खालसा ने हल्का इंचार्ज और जिला प्रधान की मौजूदगी में लिस्ट जारी करवाई। वह अपने समर्थकों को अधिकतर टिकटें घोषित करवाने में कामयाब रहे, उससे दूसरा गुट नाराज हो गया। अकाली दल की ओर से प्रधानगी के लिए इस बार गुरबख्श खालसा के छोटे भाई परम खालसा और मक्खन सिंह भी दावेदार हैं। इस पूरे मामले मेंे अकाली दल में प्रधानगी के तीसरे दावेदार डा. हरमेश पुरी गायब रहे। वह तो लिस्ट जारी होने वाली तस्वीर में दिखे और ही विरोध वाली में। साफ है कि डा. पुरी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहते और ही विवाद में फंसना चाहते हैं।

अकाली दल के प्रत्याशियों की जारी की गई सूची से नाराज नेताओं ने दानामंडी में इकट्‌ठा होकर विरोध जताया।

नवांशहर | टिकटबंटवारे से नाराज अकाली नेता कम से कम पांच टिकटों में बदलाव चाहते हैं। इन नेताओं ने प्रेस कांफ्रैंस के साथ साथ अजीत सिंह कोहाड़ से मुलाकात में यही कहा कि वार्ड नंबर पांच से सीनियर अकाली नेता हरप्रभ महिल सिंह की सलाह से ही टिकट दी जानी चाहिए। मक्खन सिंह ग्रेवाल और शंकर दुग्गल ने कहा कि सूची जारी करने का अधिकार जिला प्रभारी को ही है। जिन लोगों ने सूची जारी की है, उनमें से अधिकतर का शहर की राजनीति से कुछ लेना देना ही नहीं है। नेताओं ने कहा वार्ड नंबर 16 से प्रदीप कौर दलीपी की जगह मंजीत कौर को, वार्ड नंबर 11 से हरजीत सिंह सैंभी की जगह राज कुमार को, वार्ड नंबर 7 से जिंदरजीत कौर की जगह संदीप ग्रेवाल को और वार्ड नंबर 19 से हरमेश गुलेरिया की सलाह से टिकट दिया जाए। मक्खन सिंह ग्रेवाल ने बताया कि अजीत सिंह कोहाड़ ने उन्हें इस मामले पर बुधवार को विचार करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा शहर के अकाली नेता जारी की गई लिस्ट को टिकटों का मिलना नहीं मानते और उन्हें हाईकमान पर पूरा भरोसा है कि वह टिकटों में बदलाव करेगी।