पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गौवध के खिलाफ रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन

गौवध के खिलाफ रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मलेरकोटलामें हुए गौवध के मामलों को लेकर शिवसेना हिन्दोस्तान गौ सेवा से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं ने बुधवार को रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन की अगुवाई शिव सेना हिंदोस्तान के प्रधान नरिंदर राठौर ने की, जबकि प्रदर्शन में शिव सेना पंजाब, श्री बांके बिहारी गौशाला नवांशहर, गौ सेवा मिशन चांदपुर रूडक़ी, जिला ब्राह््मण सभा, सर्व सांझा क्लब, श्यामा श्याम संकीर्तन मंडल एवं सामाजिक संस्था के सदस्यों ने भाग लिया।

इस दौरान अपने संबोधन में शिवसेना हिंदोस्तान के प्रधान नरिंदर राठौर ने कहा कि भारत में गौवध को गैरकानूनी करार करने को लेकर पूरे पंजाब में 10 से 12 बजे तक रेलें रोकी गईं या फिर रेलवे स्टेशनो पर प्रदर्शन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गाय में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। गौ-सेवा करने का फल शास्त्रो में भी लिखा गया है।

इस दौरान शिव सेना पंजाब के एनआरआई सैल के प्रधान कीमती लाल कश्यप ने कहा कि गऊओं का अगर इतिहास देखा जाए तो हिंदुओं के साथ अन्य धर्मों ने भी गाय को काफी मान सम्मान दिया है। गौ वध सिर्फ पाप है, बल्कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। रेलवे स्टेशन पर पहुंच कर गौ माता का जयघोष किया गया तथा पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

इस दौरान चंद्र मोहन पिंकी ने भी अपने विचार पेश किए। मौके पर शिव सेना पंजाब के नेता कीमती लाल कश्यप, श्री बांके बिहारी गौशाला प्रमुख गोपाल मोहन शारदा, महेश दत्ता, जिला ब्राह्मण सभा के चंद्र मोहन पिंकी, सुशील कुमार, श्याम श्याम संकीर्तन मंडल के परविंदर बत्रा, विक्की दुआ, हरि चंद दुआ के साथ शिव सेना हिंदोस्तान पार्टी के शहरी प्रधान वरुण सोबती, जिला वाइस प्रधान चरनजीत सिंह, ब्लाक प्रधान जसवीर जस्सी, पंडित तारा केश, पुनीत बेदी, चरन सिंह, सुभाष चंद्र, जसविंदर बलाचौर, राकेश इत्यादि हाजिर रहे।

नवांशहर रेलवे स्टेशन पर 11.30 बजे पहुंचने वाली ट्रेन पहले ही अन्य जगहों पर रोके जाने के कारण 40 मिनट लेट नवांशहर पहुंची। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर पहुंचे गौ भक्तों ने उसे और नहीं रोका। शिव सैनिकों विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि उनका मक्सद अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है, कि लोगों को दिक्कत खड़ी करना। पहले से ही लेट चल रही ट्रेन को इस लिए नहीं रोका गया, बल्कि प्रदर्शन के माध्यम से ही अपनी बात कही गई है।