खूब बिके पतंग, नहीं रुकी चाइनीज डोर की बिक्री
ऋतुराजबसंतने पतंगबाजी के शौकीनों में उमंग भर दी। इस दिन जहां पतंगों की खूब खरीदारी हुई वहीं चाइनीज डोर की बिक्री भी खूब हुई। हालांकि प्रशासन ने चाइनीज डोर की बिक्री पर रोक लगा रखी है इसके बावजूद बड़ी मात्रा में यह डोर जिले में बिकी। चाइनीज डोर को लेकर प्रशासन ने कहीं कोई छापेमारी नहीं की ही कहीं से डोर पकड़ी।
इसके अलावा सारा दिन सोशल मीडिया, व्हट्सएप पर बसंत पंचमी की बधाई के संदेश भी चलते रहे। सुबह घरों में माता सरस्वती का पूजन हुआ। तो श्री गुरुद्वारा साहिब में भी खासी रौनक रही। लोगों ने पीले रंग के कपड़े पहने पीले रंग के तिलक लगाकर पतंगबाजी की। कुछ घरों में पीले रंग के पकवान भी बनाए गए। बसंत पर स्कूल-कालेजों में पतंगबाजी की प्रतियोगिताएं भी हुईं। कुछ लोग मैदानों में जाकर पतंग उड़ाने काटने का आनंद लेते नजर आए। कई बच्चों ने पतंग उड़ाने की बजाए कटे पतंगों को लूटा। शुक्रवार से रविवार तक आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भरा रहने की उम्मीद है।
एक से 250 रुपए तक कीमत के पतंग बिके
डीकेपतंग हाउस के दीपक, नितिन, पंकज तथा बीरबल के अनुसार इस बार 50 से 60 हजार के करीब पतंग की बिक्री हुई। दुकानदारों का मानना था कि जमाने के हिसाब से पतंग उड़ाने की प्रतियोगिता कम हो गई है परंतु पतंगों की जिस प्रकार से बिक्री हुई है, उस हिसाब से लगता है कि पतंग अभी दो तीन दिन आैर बिकेंगे। राजां मोहल्ला में दुकान करने वाले डीके पतंग के मालिक दीपक कुमार ने बताया कि इस बार मार्किट में 1 रुपए से लेकर 250 रुपए तक पतंग उपलब्ध रहे। उनकी ओर से लखनऊ काट, घड़ियाल, तुंगल, जहाज, मछली, चैस, रामपुरी गैंडा, चमकील, छज्जा, तिरंगा आदि के साथ डोले भी बिके। डोले 50 से लेकर 100 रुपए में बिके। डोला रात को उड़ाया जाता है। इसके साथ ही धागा, पांडा, अमृतसरी, बरेली, बारादरी इत्यादि की डोर 2 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक की उपलब्ध रही। इसे भी ग्राहकों ने खूब पसंद किया।