महिलाओं को अिधकार देना जरूरी : िप्रं. कुलजिंंदर कौर
केसीकालेजऑफ एजूकेशन में महिला सशक्तिकरण विषय पर एक सेमिनार करवाया गया। जिसमें कॅालेज की कार्यकारी प्रिंसिपल कुलजिंदर कौर ने मौजूद विद्यार्थियों को बताया कि अपनी निजी स्वतंत्रता और स्वयं के फैसले लेने के लिए महिलाओं को अधिकार देना ही महिला सशक्तिकरण है।
परिवार और समाज की हदों को पीछे छोड़ने के फैसले, अधिकार, विचार, दिमाग आदि सभी पहलुओं से महिलाओं को अधिकार देना उन्हें स्वतंत्र बनाने के लिए है। समाज में सभी क्षेत्रों में पुरुष और महिला दोनों को लिए बराबरी में लाना होगा। देश, समाज और परिवार के उज्जवल भविष्य के लिये महिला सशक्तिकरण बेहद जरुरी है। इसके बाद छात्र संकेत पासवान ने कविता औरत तेरी यही कहानी.. सुनाई तो छात्रा शीतल मनचंदा ने गल्स इज .. इंग्लिश की कविता और छात्र मुकेश कुमार मांझी ने आज की लड़की पीछे नहीं है.., छात्रा सुमन ने धीयां नूं कुक्ख विच्च मारके साबित की करना चाहुंदे हो.. कविताएं सुनाईं।
इसके बाद डीन एकेडमिक डा. एमपी भसीन ने बताया कि भारत प्राचीन समय से ही यह अपनी सभ्यता, संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, परंपरा, धर्म और भौगोलिक विशेषताओं के लिए विख्यात रहा है। जबकि दूसरी ओर ये अपने पुरुषवादी राष्ट्र के रुप में भी जाना जाता है। भारत में महिलाओं को पहली प्राथमिकता तो दी जाती है परंतु समाज और परिवार में उनके साथ बुरा व्यवहार भी किया जाता है। यही कारण है कि महिलाएं घरों की चारदीवारी तक ही सीमित रहती है और उनको सिर्फ पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए समझा जाता है। महिला को आज हर क्षेत्र में सबसे आगे रखना चाहिए। मंच संचालन छात्रा हिमानी शर्मा ने किया। मौके पर डीन एकेडमिक डा. एमपी भसीन, कार्यकारी प्रिंसीपल कुलजिंदर कौर, रमा सूद, मोनिका धम्म, रुचिका कालिया, नेहा अबरोल, नवजीत सैणी, रीचा मारिया केसी ग्रुप के पीआरओ विपन कुमार आदि हाजिर रहे।
सेमिनार में मौजूद विद्यार्थी और कालेज स्टाफ के सदस्य। -भास्कर
केसी कालेजी ऑफ एजुकेशन की छात्राओं ने सेमिनार में विचार रखे। -भास्कर