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- बदलने लगा है भगत सिंह के जन्मदिन पर खटकड़कलां का माहौल
बदलने लगा है भगत सिंह के जन्मदिन पर खटकड़कलां का माहौल
शहीदोंकी चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा.. कुछ इसी अंदाज में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिन को मनाने का अंदाज अब बदलने लगा है। जन्मदिन पर भी अब खटकड़कलां का माहौल मेले जैसा होने लगा है।
आठ-दस साल पहले तक उनके जन्मदिन पर कोई खास कार्यक्रम नहीं होता था। गांव के लोग मिलकर धार्मिक कार्यक्रम करवा लेते। शहीद भगत सिंह कल्चर क्लब 27 सिंतबर को मेला करवाता था लेकिन आज बिना किसी सरकारी आयोजन के भी 27 28 सितंबर को सैकड़ों लोग खटकड़कलां में शहीद का गांव देखने आने लगे हैं।
शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जन्मतिथि को लेकर 2007 में खासा विवाद हुआ था। कुछ लोग उनकी जन्मतिथि 27 सितंबर मानते थे और कुछ लोग 28 सितंबर को। आखिर में सरकार ने यह फैसला किया कि उनका जन्मदिन 28 सितंबर को ही मनाया जाएगा लेकिन इसके बावजूद लोग 27 28 दोनों ही दिन खास रूप से खटकड़कलां पहुंचते हैं। 27 सितंबर को खटकड़कलां पहुंचे मोगा के गुरचरन सिंह कहते हैं कि 27 हो या 28 भगत सिंह ने जो कुर्बानी देश के लिए दी, वह तारीखों से बड़ी है। शहीदों के जन्मदिन मनाने के लिए तारीख को क्या देखना। यही कारण है िक दोनों दिन ही यहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के िलए लोग आते हैं।
शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर 23 मार्च को विभिन्न राजनीतिक दल अपनी अपनी स्टेज लगाते ही हैं, लेकिन इस बार पहली बार आम आदमी पार्टी वामदलों ने उनके जन्मदिन पर भी रैली की। हमेशा की तरह मनप्रीत बादल भी पहुंचे। साफ है कि युवाओं में भगत सिंह की जो छाप है, वह राजनीतिक दलों को भी नजर आने लगी है। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव में शहीदी दिवस मनाने की परंपरा काफी पुरानी है लेकिन जन्मदिन मनाने का सरकारी ऐलान पहली बार 2007 में हुआ, जब उनकी जन्मशताब्दी मनाई गई। इसके बाद 2008 में शताब्दी समारोह संपन्न हुए तथा नवांशहर जिले का नाम भी बदल कर शहीद भगत सिंह नगर रख दिया गया। इसके बाद सरकार ने तो जन्मदिन पर बड़े कार्यक्रम करवाने से इतिश्री कर ली, लेकिन भगत सिंह के जन्मदिन मनाने की जिम्मेदारी लोगों ने ले ली। कोई यूपी ने खटकड़कलां पहुंचने लगा, तो कोई मोगा से। शहीद भगत सिंह म्यूजियम के गैलरी एसिस्टेंट योद्ध सिंह कहते हैं कि 2008 के बाद से 27 28 सितंबर को खटकड़कलां में आने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। शनिवार 27 सितं